अमेरिकी पत्रकार जिम क्रेमर की भविष्यवाणी अक्षरश: सत्य हुई! सुबह बाजार खुलते ही भरभरा गए शेयर

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार आज सुबह खुलते ही भरभरा गए। बीएसई का सेंसेक्स 3,000 से अधिक अंक गिर गए। निफ्टी 50 भी 900 से ज्यादा अंक गिर गए थे। सोमवार को भारत ही नहीं, दुनिया भर के शेयर बाजार में भारी गिरावट है। अमेरिकी मीडिया हाउस CNBC के पत्रकार और होस्ट जिम क्रेमर Jim Cramer ने इसकी चेतावनी कुछ दिन पहले ही दे दी थी। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नई टैरिफ योजना से शेयर बाजारों में भारी गिरावट आ सकती है। यह गिरावट 1987 के ‘ब्लैक मंडे’ जैसी भी हो सकती है।

क्या कहा था जिम क्रेमर ने

क्रेमर ने बीते बुधवार यानी 2 अप्रैल 2025 को कहा था, "अगर राष्ट्रपति (Donald Trump) उन देशों और कंपनियों को पुरस्कृत नहीं करते जो नियमों का पालन करते हैं, तो 1987 जैसी स्थिति बन सकती है। उस समय बाजार तीन दिन तक गिरा था और फिर सोमवार को 22% तक गिर गया था।" उन्होंने यह बात 7 अप्रैल को बाजार में होने वाली गतिविधियों से पहले कही थी। जिम क्रेमर ने ट्रम्प द्वारा सभी आयातों पर 10% टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद यह चेतावनी दी थी।

एक्स पर क्या लिखा था

क्रेमर ने X पर लिखा, "एक नई और कमजोर विश्व व्यवस्था बनाना आसान नहीं है। इसे बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन मुझे अभी तक ऐसा कुछ नहीं दिख रहा है जिससे 1987 की स्थिति टल जाए। जो लोग नीचे से खरीदारी कर रहे हैं, वे खतरे में हैं।" एक पुराने सोशल मीडिया पोस्ट में, उन्होंने 1987 के ब्लैक मंडे के बारे में बताया था: "मैं 1987 को दोहराना नहीं चाहता। लेकिन मैंने उस दौरान कारोबार किया था और मुझे हर दिन अच्छी तरह याद है। हमें पता था कि बेचना है और हमें गर्व है कि हमने बेचा। लेकिन हमें मूर्ख जैसा महसूस हुआ क्योंकि क्रैश से पहले का हफ्ता बहुत खराब था और हम बेचने में देर कर चुके थे।"

क्या हुआ था 1987 में

जिम क्रेमर की ‘ब्लैक मंडे’ की भविष्यवाणी इंटरनेट पर वायरल हो गई है। इसलिए, यह जानना जरूरी है कि अक्टूबर 1987 में क्या हुआ था। 19 अक्टूबर, 1987 को, Dow Jones Industrial Average (DJIA) एक ही दिन में 22.6% गिर गया था। DJIA एक स्टॉक प्राइस इंडेक्स है जिसे Dow Jones & Co. द्वारा बनाया गया है। FederalHistoryReserve.org के अनुसार, यह इतिहास में सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट थी। इस गिरावट का असर पूरी दुनिया पर पड़ा। Corporate Finance Institute के अनुसार, यह क्रैश हांगकांग से शुरू हुआ और एशिया और यूरोप होते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका तक फैल गया।

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