PF खाते से विड्रॉल? TDS बचाने के लिए अब नहीं चलेंगे पुराने फॉर्म, बदल गया है नियम

नई दिल्ली: PF खाताधारकों के लिए टैक्स से जुड़े नियम बदल गए हैं। अब PF से पैसा निकालते समय TDS बचाने के लिए पुराने फॉर्म 15G और 15H नहीं चलेंगे। EPFO ने इनकी जगह फॉर्म 121 शुरू किया है। नियम 1 अप्रैल से लागू है। फॉर्म भरने वाले को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसकी साल भर की टैक्स लायबिलिटी जीरो है। कंपनियां, फर्में और एनआरआई इस फॉर्म को भरने के पात्र नहीं हैं।

13 अप्रैल को जारी अपने सर्कुलर में EPFO ने बताया कि पहले 60 साल से कम उम्र के लोग फॉर्म 15G भरते थे और सीनियर सिटीजन फॉर्म 15H का इस्तेमाल करते थे। अब इन दोनों की जगह केवल फॉर्म 121 इस्तेमाल होगा। यह फॉर्म केवल उन लोगों के लिए है जिनकी पूरे साल की कुल अनुमानित कमाई पर टैक्स की देनदारी शून्य है। यानी अगर आपकी सालाना कमाई टैक्स छूट की सीमा से कम है, तो आप इस फॉर्म को भरकर अपनी इनकम बिना TDS कटे हासिल कर सकते हैं।

किसके लिए जरूरी है फॉर्म?

EPFO ने साफ किया है कि यह फॉर्म सबके लिए जरूरी नहीं है। यह केवल उन लोगों के लिए है जो टीडीएस कटने से बचना चाहते हैं। EPFO ने कहा है कि 1 अप्रैल के बाद अगर किसी ने पुराने फॉर्म के साथ क्लेम फाइल कर दिया है, तो उसे रिजेक्ट करके वापस नहीं भेजा जाएगा। हालांकि, कर्मचारी से फॉर्म 121 लेने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

  • PF खाताधारकों के लिए टैक्स से जुड़े नियम बदल गए हैं
  • TDS बचाने के लिए अब फॉर्म 15G और 15H नहीं चलेंगे
  • अब फॉर्म 121 भरना होगा, नया नियम 1 अप्रैल से लागू है
  • इसके लिए साल भर की टैक्स लायबिलिटी जीरो होनी चाहिए
  • कंपनियां, फर्में और NRI इस फॉर्म को भरने के पात्र नहीं हैं

प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए पीएफ एक अनिवार्य सरकारी बचत योजना है। इसमें कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी का 12% हिस्सा कंट्रीब्यूट करता है जबकि कंपनी भी इतना ही योगदान देती है। एम्प्लॉयर के कंट्रीब्यूशन में से 8.33% कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है। ईपीएफ अकाउंट में जमा रकम पर ब्याज मिलता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button