कर्मचारियों के नियमितिकरण में अफसर बने रोड़ा:हाईकोर्ट ने नियमित करने की कार्य योजना मांगी, सरकार के पास दैवेभो के आंकड़े ही नहीं

प्रदेश में दैनिक वेतन भोगी और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किए जाने के लिए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कार्ययोजना मांगी है। इस कार्ययोजना की जानकारी देने और अमल करने की बात तो दूर रही, सरकार को यही नहीं पता है कि किस विभाग में कितने कर्मचारी दैनिक वेतन भोगी (दैवेभो) और अस्थायी कर्मचारी के रूप से काम कर रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग तीन माह में भी विभागों से इसकी जानकारी नहीं ले पाया है।

दरअसल, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एसएलपी प्रकरण जग्गू वर्सेस भारत सरकार और विनोद कुमार वर्सेस भारत सरकार में पारित निर्णय के आधार पर जबलपुर हाईकोर्ट में साल 2024 में रिट पिटीशन लगाई है। जिस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जानकारी मांगी है। कहा कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों और अस्थायी कर्मचारियों के नियमितिकरण को लेकर राज्य सरकार अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत करे।

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इसके बाद सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को निर्देश जारी कर कहा है कि 16 मई 2007 की स्थिति में काम करने वाले कर्मचारियों की नियुक्ति अनियमित है लेकिन अवैधानिक नहीं है। यह कर्मचारी 1 जनवरी 2025 तक काम कर चुके हैं या अभी कर रहे हैं। इस आधार पर ऐसे कर्मचारियों की जानकारी शासन को भेजी जाए।

15 दिन में मांगी थी जानकारी, दो माह में नहीं मिली सामान्य प्रशासन विभाग ने इसको लेकर फरवरी 2025 में निर्देश जारी कर सभी विभागों से जानकारी मांगी थी। इसके बाद रिमांइडर भी भेज दिए लेकिन विभाग यह नहीं बता पाए हैं कि कितने स्थायी, अस्थायी और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी काम कर रहे हैं।

यह जानकारी 16 मई 2007 से एक जनवरी 2025 की स्थिति में अलग-अलग विभागों में पदस्थ कर्मचारियों के मामले में दी जाना है। चूंकि विभागों ने इसकी जानकारी ही शासन को नहीं दी है, इसलिए सामान्य प्रशासन विभाग अब एक बार फिर इसको लेकर जानकारी मंगा रहा है।

विभागों को ऐसे देनी होगी जानकारी

  • विभाग में काम करने वाले कुल दैनिक वेतन भोगी, अस्थायी कर्मचारियों की संख्या।
  • एक जनवरी 2025 की स्थिति में पिछले दस सालों तक अस्थायी और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की संख्या।
  • 16 मई 2007 के फैसले के आधार पर नियमितिकरण के लिए पात्र दैनिक वेतन भोगी और अस्थायी कर्मचारियों की संख्या क्या है।

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