सीएम आज बेंगलुरु में BEML को सौंपेंगे आवंटन पत्र:भोपाल में बनेंगे वंदे भारत ट्रेन के वैगन, 23 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार, इन्वेस्टर्स से होगा वन-टू-वन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में प्रदेश के अफसर आज बेंगलुरु में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) को आवंटन पत्र सौंपेंगे। मुख्यमंत्री यादव ने कहा है कि हमारी सरकार युवाओं, महिलाओं, गरीबों और किसानों के लिए रोजगारोन्मुखी कार्यों के जरिए मध्य प्रदेश को समृद्ध बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। खासकर उद्योग और व्यापार से जुड़े मध्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में हम काम कर रहे हैं। हमारे भोपाल में वंदे भारत रेलवे के वैगन बनेंगे। इससे करीब 23 लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

बीईएमएल को बेंगलुरु में आवंटन पत्र सौंपने के साथ सीएम संस्थान का विजिट भी करेंगे। इसके साथ ही बेंगलुरु में इंटरेक्टिव सेशन और निवेशकों के साथ वन टू वन भी होगा। जिसमें प्रदेश के औद्योगिक वातावरण की जानकारी दी जाएगी। इस दौरान आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस, ऑटोमोबाइल, टूरिज्म और टेक्नोलॉजी सेक्टर के निवेशकों के साथ सीएम की चर्चा होगी।

यादव बुधवार को बेंगलुरु में सी-इन्वेस्ट इन एमपीसी सत्र में शामिल होंगे। बेंगलुरु प्रवास के दौरान वे बीईएमएल (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) परिसर में विजिट करेंगे। साथ ही 2100वें मेट्रो कोच के लोकार्पण समारोह में सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इन्वेस्टमेंट अपॉरच्युनिटी इन मध्यप्रदेश विषय पर आयोजित इंटरेक्टिव सेशन को संबोधित कर राज्य की औद्योगिक क्षमताओं और नीतिगत प्रतिबद्धताओं को देश के अग्रणी निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

निवेशकों के साथ होगी वन-टू-वन चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग के माध्यम से सीधे संवाद करेंगे। इनमें आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस, ऑटोमोबाइल, टूरिज्म और टेक्नोलॉजी सेक्टर के प्रमुख निवेशक शामिल होंगे।

मेट्रो रेल के साथ डिफेंस उपकरण, निर्माण मशीनरी में आगे है बीईएमएल

भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है जो मेट्रो रेल कोच, रक्षा उपकरण, खनन एवं निर्माण मशीनरी के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। बेंगलुरु स्थित इसका विनिर्माण परिसर आधुनिक इंजीनियरिंग और स्वदेशी तकनीक का प्रतिनिधित्व करता है, और यह आत्मनिर्भर भारत के विजन में महत्त्वपूर्ण भागीदार है।

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