भोपाल में मिनरल वाटर पर 1 रुपया एक्स्ट्रा जीएसटी वसूला:4 साल बाद उपभोक्ता फोरम का फैसला, होटल को देने होंगे 8 हजार 1 रुपए

भोपाल के एक युवक ने दोस्तों के साथ होशंगाबाद रोड स्थित मोती महल डीलक्स होटल में खाना खाया। जहां पर खाने के बिल में पानी की बोतल पर एमआरपी से अधिक पैसे और अतिरिक्त जीएसटी वसूले गए।

मामला उपभोक्ता फोरम पहुंचा। फोरम ने 4 साल बाद फैसला सुनाया और होटल को दोषी मानते हुए फोरम ने 8 हजार 1 रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

मामला 15 अक्टूबर 2021 का है। भोपाल निवासी ग्राहक ऐश्वर्य निगम ने मोती महल डीलक्स होटल में अपने दोस्तों के साथ भोजन किया। जहां पर खाने का बिल 796 रुपए का बना था। इसमें बिसलेरी की पानी की एक बोतल की कीमत 29 रुपए बताई गई। जबकि उस पर एमआरपी 20 रुपए लिखी थी। साथ ही होटल ने 1 रुपए अतिरिक्त जीएसटी भी वसूल लिया।

ग्राहक ने जब इसकी शिकायत होटल मैनेजमेंट से की तो उनका विवाद हो गया। उनका कहना था कि उन्हें बोतल का पानी लेना पड़ेगा। वहीं पानी के लिए ग्लास तक उपलब्ध नहीं कराए गए। शिकायत पर कोई समाधान नहीं मिलने पर उपभोक्ता फोरम में केस दर्ज कराया था।

होटल ने कहा- पानी की बोतल पर जीएसटी वैध सुनवाई के दौरान होटल ने अपना पक्ष रखा। कहा कि ग्राहक को मेन्यू कार्ड दिया गया था। जिसमें स्पष्ट रूप से कीमत और जीएसटी का जिक्र था। होटल में बैठने, एयर कंडीशनर, म्यूजिक जैसी अतिरिक्त सुविधाएं दी जाती हैं इसलिए रेस्टोरेंट में एमआरपी लागू नहीं होती है। होटल ने यह भी तर्क दिया कि पानी की बोतल पर जीएसटी लगाना जीएसटी कानून के तहत वैध है।

MRP में GST शामिल, अलग से वसूलना अवैध सुनवाई भोपाल उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल और सदस्य डॉ. प्रतिभा पांडेय ने की। उन्होंने अपने फैसले में लिखा कि एमआरपी में जीएसटी शामिल होता है, उस पर अलग से जीएसटी वसूलना अवैध है।

सुप्रीम कोर्ट और उत्तरप्रदेश राज्य आयोग के निर्णयों के अनुसार, होटल मिनरल वाटर पर एमआरपी से अधिक राशि वसूल सकते हैं, लेकिन अतिरिक्त जीएसटी नहीं ले सकते हैं। होटल ने बिसलेरी की बोतल पर एक रुपए का अतिरिक्त जीएसटी लेकर अनुचित व्यापार व्यवहार किया है, जिसे सेवा में कमी पाया गया।

2 महीने के अंदर देना होगा मुआवजा वकील प्रतीक पवार ने बताया कि उपभोक्ता फोरम ने अपने फैसले में होटल को आदेश दिया कि वो 2 महीने के अंदर वसूले गए 1 रुपए जीएसटी के पैसे वापस करे। वहीं, 5 हजार रुपए मानसिक कष्ट और सेवा में कमी के लिए क्षतिपूर्ति के रूप में दे। होटल को 3 हजार रुपए लीगल कॉस्ट के रूप में भी जमा कराने होंगे।

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