सुप्रीम कोर्ट से राहत,फिर भी जनता से दूर हैं शाह:मंत्री विजय शाह के समर्थन में उतरे आदिवासी और सैनिक, बेटे ने शुरू किया कैंपेन

कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बताकर मुसीबत में फंसे मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्यमंत्री डॉ. विजय शाह की गिरफ्तारी पर 19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट से राहत मिलने के बाद भी विजय शाह पब्लिक और प्रोग्रामों से दूर हैं। मंत्री को मुसीबत के वक्त में उनके समर्थक सोशल मीडिया पर उनके बचाव में कैंपेन चला रहे हैं।

15 मई से गायब हैं मंत्री शाह बयान पर हंगामा मचने के बाद मंत्री विजय शाह 14 मई को अपने विधानसभा क्षेत्र हरसूद और खंडवा में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए। इसके बाद 15 मई से वे कहीं भी नजर नहीं आए। 15 मई की रात को सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हुई कि मंत्री विजय शाह पत्नी के साथ सचखंड एक्सप्रेस से भोपाल के लिए रवाना हुए हैं। लेकिन, शाह भोपाल में न तो बंगले पर नजर आए और न ही अपने सरकारी ऑफिस में।

समर्थक सोशल मीडिया पर चला रहे कैंपेन विजय शाह के बयान के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज होने के बाद उनके समर्थक सोशल मीडिया पर कैंपेन चला रहे हैं। इनमें विजय शाह को देशभक्त बताते हुए उनकी सैनिकों के साथ तस्वीरें शेयर की जा रहीं हैं। विजय शाह फैंस क्लब के पेज पर एक पोस्ट में सपा सांसद रामगोपाल यादव के बयान पर विपक्ष की चुप्पी और विजय शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर लिखा गया है कि विजय शाह को इसलिए टारगेट किया जा रहा है क्योंकि वे आदिवासी हैं।

मंत्री समर्थक बोले- नीयत पर सवाल नहीं उठाना चाहिए खंडवा जिले के खोकरिया गांव के गोलू जाटव का वीडियो शेयर कर विजय शाह फैन्स क्लब ने लिखा कि गोलू जाटव का सेना में जाने का सपना विजय शाह ने पूरा कराया। वीडियो में गोलू जाटव कह रहे हैं-

गोलू जाटव ने आगे कहा कि आज जो सवाल उठा रहे हैं, वे नहीं जानते कि डॉ. विजय शाह ने अब तक के समर्पित सेवा कार्यों से समाज में सौहार्द्र बनाए रखने की कोशिश की और कानून के प्रति सम्मान को ध्यान में रखा। डॉ. शाह ने हमेशा संविधान, न्यायपालिका और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास किया है। वे हर प्रकार से न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं। उनका राजनीतिक जीवन जनसेवा सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित को समर्पित रहा है।

बेटे ने किया सैनिकों का सम्मान सुप्रीम कोर्ट द्वारा 16 मई को सुनवाई 19 मई तक टलने के बाद 18 मई को विजय शाह के बेटे दिव्यादित्य शाह ने अपने क्षेत्र के सैनिकों का सम्मान किया। दिव्यादित्य खंडवा जिला पंचायत के उपाध्यक्ष भी हैं।

एसआईटी की टीम ने शुरू की जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बुधवार को विजय शाह के बयान मामले की जांच शुरू कर दी। एसआईटी में शामिल सागर आईजी प्रमोद कुमार वर्मा, डीआईजी SAF कल्याण चक्रवर्ती और वाहिनी सिंह ने इस मामले से जुड़ी फाइलें, वीडियो सहित तमाम दस्तावेज स्थानीय पुलिस से लेकर जांच शुरू की है। हालांकि, टीम को अब तक क्या मिला? इस बारे में एसआईटी में शामिल अफसर और स्थानीय पुलिस बोलने से बच रहे हैं।

28 मई को कोर्ट में पेश होगी स्टेटस रिपोर्ट विजय शाह के बयान के मामले की जांच करने के लिए बनाई गई एसआईटी को अपनी स्टेटस रिपोर्ट 28 मई को सुप्रीम कोर्ट में पेश करनी है। ऐसे में इस मामले से जुडे़ साक्ष्य, गवाह और वीडियो के आधार पर एसआईटी अपनी पूरी रिपोर्ट बनाने में जुटी हुई है।

इधर, शाह को बचाने के चक्कर में उलझ गई बीजेपी मंत्री विजय शाह के बयान पर जहां हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट सख्त है। वहीं, देश भर में विजय शाह के बयान का विरोध हो रहा है। विपक्ष मंत्री पद से हटाने की मांग पर अड़ा हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम में एमपी बीजेपी शाह का बचाव करने के चक्कर में बुरी तरह उलझ गई है।

सूत्र बताते हैं कि जब शाह के बयान पर बवाल शुरू हुआ तो मप्र भाजपा के संगठन ने केन्द्रीय नेतृत्व को विजय शाह को लेकर जो शुरुआती रिपोर्ट दी। उसमें यह कहा गया कि भावावेश में गलत शब्दावली का उन्होंने उपयोग किया। लेकिन, शाह अपने बयान पर माफी मांगेंगे तो विवाद शांत हो जाएगा।

शाह ने संगठन की फटकार पर माफी तो मांगी लेकिन, उसमें भी उन्होंने अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि को सेना और शहीदों से जुड़ा बताया और हल्के अंदाज में माफी मांगी। इस माफी को कोर्ट ने भी नाकाफी बताते हुए तल्ख टिप्पणी की।

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