अराफात का दिन नजदीक, एसएचआई हाजियों की रहनुमाई में जुटें:हज कमेटी ने कहा- लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

मध्य प्रदेश राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष रफ़त वारसी ने सऊदी अरब में तैनात स्पेशल हज इंस्पेक्टर्स को हाजियों की सेवा को लेकर सख्त निर्देश जारी किया है। जिसमें कहा है कि सरकार और हज कमेटी ने उन्हें एक खास मकसद से भेजा है। हाजियों की खिदमत और रहनुमाई के लिए। यदि कोई इस जिम्मेदारी में कोताही करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रफ़त वारसी ने साफ शब्दों में कहा, “कई स्पेशल हज इंस्पेक्टर्स की शिकायतें सामने आई हैं। मैं यह साफ करना चाहता हूं कि अगर आप सरकार की मंशा और हज कमेटी की उम्मीदों के अनुरूप काम नहीं करते हैं, तो मुझे आपके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी।
उन्होंने आगे कहा कि यह सेवा केवल एक ड्यूटी नहीं, बल्कि एक अमानत और इबादत है। हर इंस्पेक्टर का कर्तव्य है कि वह अपने अधीन आने वाले हाजियों से लगातार संपर्क बनाए रखे, उनकी हर जरूरत पर मददगार बने और उन्हें सही दिशा दिखाए।
रफ़त वारसी ने यह भी कहा कि अराफात का दिन नजदीक है और हाजियों की जल्द ही मिना के लिए रवानगी होने वाली है। ऐसे में हर स्पेशल हज इंस्पेक्टर को चाहिए कि वह अपने जिम्मेदारी क्षेत्र की इमारतों में रह रहे हाजियों के साथ मीटिंग करें और हज के पांचों अहम अरकान, उनकी महत्ता और क्या करें-क्या न करें जैसे विषयों पर उन्हें सही मार्गदर्शन दें।
क्या होता है अराफात का दिन
अरफात का दिन हज का सबसे अहम दिन होता है, जो इस्लामी महीने जिल-हिज्जा की 9वीं तारीख को आता है। इस दिन लाखों हाजी मक्का के पास अरफात के मैदान में जमा होते हैं और अल्लाह से दुआ, माफी और रहमत की गुहार लगाते हैं।
यह वह दिन है। जब पैगंबर मुहम्मद (स.अ.) ने अपना अंतिम खुत्बा दिया था। अरफात में ठहरना हज का जरूरी हिस्सा है, इसके बिना हज पूरा नहीं होता। यह दिन दुआओं की कबूलियत और गुनाहों की माफी का दिन माना जाता है। जो हज पर नहीं होते, वे इस दिन रोज़ा रखते हैं।





