महाराष्ट्र डॉक्टर सुसाइड केस:महिला का आरोप- डॉक्टर ने मेरी बेटी की नकली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर साइन किए थे, नेचुरल मौत बताया था

सातारा, महाराष्ट्र के सातारा में महिला डॉक्टर के सुसाइड मामले में एक नया दावा किया गया है। यहां रहने वाली भाग्यश्री का आरोप है कि उनकी बेटी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसकी डेथ को नेचुरल बताया गया था। लेकिन शायद यह हत्या का मामला था। इस पर सुसाइड करने वाली डॉक्टर के साइन थे। लगता है कि उन पर पीएम रिपोर्ट बदलने का दबाव था।

दरअसल, फलटण सिविल अस्पताल में पदस्थ महिला डॉक्टर ने 23 अक्टूबर को शहर के एक होटल में सुसाइड किया था। उसने आरोप लगाया था कि एक सांसद उसके दो PA, सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदने पर आरोप लगाए थे कि ये लोग उस पर फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने का दबाव बनाते थे। गोपाल ने उसका 4 बार रेप भी किया था।

भाग्यश्री पचंगने का आरोप…

भाग्यश्री ने बताया कि मेरी बेटी दीपाली की शादी इंडियन आर्मी ऑफिसर अजिंक्य हनमंत निंबालकर से हुई थी। 17 अगस्त को दामाद ने बताया कि दीपाली की हालत गंभीर है। उसे फलटण के राउत हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। दीपाली 6 महीने की प्रेग्नेंट थी, हमने सोचा उसकी तबीयत बिगड़ी होगी।

19 अगस्त को बेटी के सुसाइड करने की खबर मिली। हम लोग अस्पताल पहुंचे। वहां दीपाली के देवर ने बताया कि दीपाली ने सुसाइड किया है, लेकिन मुझे पूरा यकीन है कि बेटी की हत्या की गई है। बेटी को उसके पति और ससुराल वाले लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे।

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बेटी की मौत के 5 दिन बाद भी पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं दी थी। करीब एक महीने बाद बेटी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिली, जिसमें इसे सामान्य मौत बताया गया, जो कि गलत है। बेटी के पति अजिंक्य निंबालकर ने अपने पॉलिटिकल और पुलिस कनेक्शन का इस्तेमाल करके मामला दबाया है। महिला डॉक्टर पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बदलने का दबाव था।

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25 अक्टूबर को दो आरोपी गिरफ्तार हुए

महिला डॉक्टर के सुसाइड केस में अबतक दो गिरफ्तारी हो चुकी हैं। 25 अक्टूबर की रात फरार सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदने ने फलटण ग्रामीण पुलिस थाने में सरेंडर किया था। 26 अक्टूबर को उसे अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे 30 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया।

25 अक्टूबर की दोपहर को ही पुलिस ने प्रशांत बांकर को गिरफ्तार किया था। पीड़ित जिस मकान में रहती थी, प्रशांत उस मकान मालिक का बेटा है। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। उस पर पीड़ित का रेप करने और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज है।

डॉक्टर ने जब सुसाइड किया था, तब उसकी हथेली पर गोपाल बदने और प्रशांत बांकर के नाम लिखे मिले थे। पीड़ित ने लिखा था कि गोपाल ने पिछले 5 महीने में 4 बार उसका रेप किया। प्रशांत पर मेंटल हैरेसमेंट किया, सुसाइड के लिए उकसाया।

इसके अलावा 4 पेज के सुसाइड नोट में एक सांसद और उसके दो PA पर भी आरोप लगाए हैं कि ये सभी उस पर अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए आने वाले आरोपियों के फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने का दबाव बनाते थे।

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