मप्र सहित देश में 10900 ई-बसें:भोपाल-इंदौर के ई बस डिपो जनवरी तक हो सकते हैं पूरे, बसें कब आएंगी तय नहीं

पीएम ई बस सेवा के तहत मप्र में अभी बसों के संचालन में समय लगेगा। हालांकि साल के अंत तक भोपाल -इंदौर के 2-2 इलेक्ट्रिक बस डिपो बनकर तैयार हो सकते हैं। मप्र को 582 इलेक्ट्रिक बसें मिलनी थीं, पर केंद्र ने हाल ही में इसका कोटा बढ़ाकर 972 कर दिया है। प्रदेश भर में कुल 10 ई-बस डिपो बनने हैं।
मप्र के कई नगरीय निकायों में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए तैयारी चल रही है। भोपाल और इंदौर में 2-2 डिपो बनने हैं। इनमें कस्तूरबा नगर (आईएसबीटी के सामने) और बैरागढ़ बस स्टैंड के पास दो बस डिपो बन रहे हैं। इनमें एचटी कनेक्शन का जिम्मा क्षत्र की विद्युत वितरण कंपनियों के पास है जबकि बाकी सिविल वर्क संबंधित निकाय कर रहा है। सतना-देवास में डिपो के लिए जमीन आवंटित हो गई है।
अब मिलेंगी 972 ई बसें: केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय की संशोधित सहमति के मुताबिक भोपाल में 195, इंदौर में 270, ग्वालियर में 100, जबलपुर में 200, उज्जैन में 100, सागर में 32, देवास में 55 और सतना में 20 ई-बसें मिलेंगी। पहले भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और उज्जैन में 582 ई बसें मिलनी थीं।
सीमित निर्माण क्षमता… बसें पहुंचने में समय लगेगा
पीएम ई बस सेवा के पहले चरण में 10900 इलेक्ट्रिक बसें साल 2027 तक सड़कों पर उतरनी हैं। कुछ हफ्तों पहले केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा था कि इस डेडलाइन के लिए समय पर टेंडर देकर बसों की डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि बस निर्माताओं के पास सीमित निर्माण क्षमता होने के कारण मप्र सहित बड़े राज्यों में बसें पहुंचने में समय लग रहा है।
ऑपरेटरों के लिए टेंडर जल्द
भोपाल-इंदौर के ई बस डिपो में बिजली कनेक्शन के लिए विद्युत वितरण कंपनियों को निर्देश दे दिए हैं। जल्द बस संचालन के लिए ऑपरेटर के लिए भी टेंडर निकालेंगे। साल 2026 के शुरूआती महीनों में बसों की पहली खेप आ सकती है। संकेत एस भोंडवे, कमिश्नर -नगरीय विकास एवं आवास





