सुलह के जतन:1 साल बाद मंत्री गोविंद राजपूत व पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह को साथ लाए प्रदेशाध्यक्ष

सागर में एक साल बाद बुधवार को मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और विधायक भूपेंद्र सिंह एक साथ दिखे। दोनों नेता सीएम के कार्यक्रम में भी मंच पर साथ नहीं आते थे। इनके बीच चल रही गुजबाजी को खत्म करने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का भोजन मंत्र काम आया।

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि वे प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार सागर में पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की बैठक लेने आए हैं। सागर में पार्टी की गुटबाजी के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है।

सागर जिले में सरकार में कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और भूपेंद्र सिंह के बीच राजनीतिक अदावत पुरानी है। गोविंद के दो साल पहले मोहन सरकार में मंत्री बनने के बाद अदावत जुबानी जंग के रूप में खुलकर सामने आ गई थी।

27 साल पुरानी अदावत, कुछ समय से बंद थी बातचीत

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह की राजनीतिक दुश्मनी दो दशक पुरानी है। दोनों ही सुरखी विधानसभा से एक दूसरे के खिलाफ दो चुनाव लड़े, जिसमें एक-एक में जीत मिली। उस समय राजपूत ने कांग्रेस और सिंह ने भाजपा प्रत्याशी में चुनाव लड़ा।

गोविंद राजपूत के भाजपा में आने के बाद और सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए जाने के बाद से तो पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह से उनकी बातचीत बंद थी। दोनों एक दूसरे पर निशाना साधने में पीछे नहीं रहे।

पांच फोन कॉल से तय हुआ दोनों एक-दूसरे के घर जाएंगे

खंडेलवाल बुधवार को सागर पहुंचे थे। उन्होंने मंत्री गोविंद राजपूत से कहा था कि भूपेंद्र सिंह से बात करें और भोजन पर आमंत्रित करें। इसके बाद गोविंद ने भूपेंद्र को फोन किया और दोनों के बीच बातचीत हुई। खंडेलवाल के साथ दोनों बिजली चौराहे से गोविंद की तिली स्थित किला कोठी तक रथ में सवार होकर पहुंचे और दोनों में किसी तरह की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता न होने का संदेश दिया।

गोविंद के निवास पर खंडेलवाल की मौजूदगी में दोनों ने साथ भोजन किया। बाद में खंडेलवाल के साथ गोविंद, भूपेंद्र के निवास पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने दो घंटे में दो बार साथ खाना खाया। एक दिन पहले ही प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरुआ सागर पहुंचे थे और उन्होंने मंत्री गोविंद और भूपेंद्र से बातचीत कर प्रदेश अध्यक्ष का संदेश पहुंचाया।

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