रोहित शर्मा जब नहीं डांटते तो क्यों परेशान हो जाते हैं युवा खिलाड़ी? यशस्वी जायसवाल ने बताई अंदर की बात

नई दिल्ली: भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने कहा कि रोहित शर्मा जब मैदान पर अपने पसंदीदा जूनियर खिलाड़ियों में से किसी को नहीं डांटते तो वे असहज महसूस करने लगते हैं क्योंकि पूर्व कप्तान की डांट हमेशा लाड़ और प्यार से भरी होती है। जब रोहित भारत के टेस्ट कप्तान थे तब मैदान पर खिलाड़ियों की फील्डिंग की गलतियों पर अपने मजाकिया अंदाज के लिए मशहूर हो गए थे जो अब ‘मीम’ के रूप में काफी लोकप्रिय हैं।
यशस्वी जायसवाल ने ‘एजेंडा आज तक’ सम्मेलन में कहा, ‘रोहित भैया जब भी हमें डांटते हैं, उसमें बहुत सारा लाड़ और प्यार छुपा होता है। सच कहूं तो अगर रोहित भैया डांट नहीं रहे हों तो लगता है कि कुछ गड़बड़ है, क्या हुआ, डांट क्यों नहीं रहे? कहीं उन्हें मेरी किसी बात से बुरा तो नहीं लगा?’
यशस्वी ने विशाखापत्तनम में अपने पहले वनडे शतक के दौरान विराट कोहली और रोहित दोनों के साथ बड़ी साझेदारियां कीं। उन्होंने बताया कि उनकी मौजूदगी कैसे ड्रेसिंग रूम का माहौल बदल देती है। उन्होंने कहा, ‘जब वे दोनों होते हैं तो हमारे लिए बहुत अच्छा होता है क्योंकि वे खेल पर चर्चा करते हैं और अपने अनुभव साझा करते हैं। उन्होंने जिस तरह भारत के लिए मैच खेले और जीते हैं, वे हमारे लिए प्रेरणा हैं। वे हमें बताते हैं कि उन्होंने अपने युवा दिनों में कौन सी गलतियां कीं और हम कैसे उनसे बच सकते हैं।’जायसवाल ने कहा, ‘जब वे नहीं होते तो हमें उनकी कमी खलती हैं। जब वे होते हैं तो माहौल आरामदायक हो जाता है। तीसरा वनडे खेलते समय रोहित भैया ने मुझसे कहा कि मैं संयमित रहूं, समय लूं और वह खुद जोखिम उठाएंगे, कितने लोग ऐसा करेंगे? इसी तरह विराट पाजी ने मुझे छोटे-छोटे लक्ष्य दिए और कहा कि हमें यह मैच जीतना होगा।’





