कुछ राज्यों में SIR की डेडलाइन बढ़ सकती है:इसमें यूपी भी शामिल

नई दिल्ली, केरल को छोड़कर देश के 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के फॉर्म जमा करने की आज आखिरी तारीख है। चुनाव आयोग के अधिकारी गुरुवार को फॉर्म डिजिटाइजेशन और जमा करने की प्रोग्रेस का रिव्यू करेंगे।

इस मीटिंग के दौरान उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के लिए SIR की डेडलाइन बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। NDTV ने चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक पश्चिम बंगाल भी उन राज्यों में शामिल है जहां डेडलाइन बढ़ाई जा सकती है। इससे पहले आयोग ने केरल के लिए आखिरी तारीख 11 दिसंबर से बढ़ाकर 18 दिसंबर कर दी थी।

30 नवंबर को SIR की डेडलाइन 7 दिन बढ़ाई गई थी

चुनाव आयोग ने 30 नवंबर को SIR की समय सीमा एक सप्ताह बढ़ाने का फैसला किया था। आयोग ने कहा था कि अब अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

मतदाता जोड़ने-हटाने का एन्यूमरेशन पीरियड यानी वोटर वेरिफिकेशन अब 11 दिसंबर तक चलेगा, जो पहले 4 दिसंबर तक तय था। वहीं, पहले ड्राफ्ट लिस्ट 9 दिसंबर को जारी होनी थी, लेकिन अब इसे 16 दिसंबर को जारी किया जाएगा।

पॉलिटिकल पार्टियों को मिलेगी मृत मतदाताओं की सूची

निर्वाचन आयोग ने बुधवार को कहा कि देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही SIR प्रक्रिया के तहत राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने से पहले मृत, स्थानांतरित और अनुपस्थित वोटरों की सूची दी जाएगी। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 16 दिसंबर को जारी की जाएगी।

इससे पहले आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को हर बूथ के हिसाब से अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट वोटरों की सूची तैयार कर बूथ एजेंटों को देने का निर्देश दिया है। ये वे वोटर हैं जिनसे बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) तीन बार कोशिश के बावजूद संपर्क नहीं कर सके। बिहार में हुई एसआईआर प्रक्रिया के दौरान भी यही तरीका अपनाया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button