स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी… 14 लाख विद्यार्थियों की बनेगी ‘आभा’ ID, मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी में मिलेगी मदद

भोपाल। प्रदेश में अब आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत विद्यार्थियों की डिजिटल हेल्थ आइडी बनाई जाएगी। इसके माध्यम से विद्यार्थी स्वास्थ्य रिकॉर्ड (जैसे-डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन, लैब रिपोर्ट, दवा विवरण) एक प्लेटफॉर्म पर रहेगा। इससे भविष्य में डिजिटल हेल्थ सुविधाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने सभी प्राचार्यों को वे आइडी बनाने के लिए कालेज स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें। इसके तहत सरकारी कालेजों में पढ़ने वाले करीब 14 लाख विद्यार्थियों की आइडी बनाई जाएगी।

मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में होगी उपयोगी

यह आइडी केंद्र की ओर से विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चलाए जा रहे कार्यक्रम के लिए भी उपयोगी होगा, क्योंकि इसमें विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से जुड़ी पूरी जानकारी होगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत राज्य के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के आभा आइडी बनवाए जाने हैं। यह एक प्रकार की डिजिटल हेल्थ आइडी है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी डाक्टर प्रिस्क्रिप्शन, लैब रिपोर्ट, दवा विवरण आदि को एक आनलाइन प्लेटफार्म पर ही सुरक्षित रूप से देख पाएंगे।

स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों की सुरक्षा

अगर इस मामले में विद्यार्थी लापरवाही बरतते हैं, जिससे आगे चलकर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं सामने आती हैं, इसलिए तय किया गया है कि विद्यार्थियों की डिजिटल हेल्थ आइडी बनाई जाए। इसका लाभ यह होगा कि विद्यार्थी को एक प्लेटफार्म पर अपनी स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारियां उपलब्ध रहेंगे, जिसके आधार पर समय-समय पर जांच करा सकेंगे।

नोडल अधिकारी और आभा चैंपियन की नियुक्ति

कॉलेज स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि कॉलेज स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। वे अंतिम वर्ष में अध्ययनरत दो विद्यार्थियों को मिशन के तहत चैंपियन के रूप में नामित करें। नोडल अधिकारी और आभा चैंपियन का विवरण गूगल फार्म के माध्यम से भेजा जाए। इन्हें आयुष्मान भारत द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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