शहरों में घर पर बार, टाइगर रिजर्व में साइलेंस जोन:न्यू ईयर पर वन्य प्राणी कोर एरिया में होटल्स, रेस्तरां में लाउडस्पीकर, डीजे नहीं बजेंगे

न्यू ईयर के पहले 31 दिसम्बर को प्रदेश के शहरों में बार और शोर गुल वाले कार्यक्रमों को लेकर जहां आबकारी और पुलिस विभाग के अफसर तैयारियों में जुट गए हैं, वहीं वन विभाग ने तय किया है कि टाइगर रिजर्व के आस-पास मौजूद होटल्स और रेस्तरां में जाकर डीजे, लाउड स्पीकर और ड्रम्स के शोर के बीच पार्टी मनाने वालों को रोका जाए। इसके पहले टाइगर रिजर्व में मोबाइल पर प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वन्य प्राणी सुरक्षा के मद्देनजर वन विभाग ने सख्ती दिखाते हुए सभी टाइगर रिजर्व प्रमुखों को निर्देशित किया है कि इसका कड़ाई से पालन कराया जाए ताकि टाइगर और अन्य वन्य प्राणियों के रहवास में शोर के कारण कोई खलल नहीं पड़े।

वन विभाग की वन्य प्राणी शाखा ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टाइगर रिजर्व के पास बने होटल्स, रिसार्ट्स में न्यू ईयर पार्टी में डीजे, ड्रम और अन्य तेज आवाज वाहन यंत्र बजाने पर रोक लगा दी है। वन्य प्राणी शाखा के पीसीसीएफ शुभरंज सेन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने टाइगर रिजर्व के वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए साइलेंस जोन बनाने के आदेश दिए हैं। इसके चलते ही यह प्रतिबंध लगाया गया है। सेन बताते हैं कि हालांकि यह पहली बार नहीं है। हर साल ही और हमेशा ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में इसका ध्यान रखा जाता है लेकिन नवम्बर में सुप्रीम कोर्ट ने इसको लेकर एक बार फिर अपना आदेश दोहराया है, इसलिए इसे सख्ती से लागू करने के लिए कहा गया है ताकि शोर-शराबे के कारण रात में वन्य जीवों को दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े।

लकड़ी के अलाव भी नहीं जलेंगे

वन्य प्राणियों की सुरक्षा के मद्देनजर अब टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्क और वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के आसपास के इलाकों में लकड़ी के अलाव नहीं जलेंगे। वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक वाइल्ड लाइफ शुभ रंजन सेन ने प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्क व वन्य प्राणी अभयारण्य के लिए जारी निर्देश में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में यह आदेश दिया जा रहा है। इसमें कहा गया है कि ईको सेंसिटिव जोन में होटल, रिसोर्ट और बिजनेस सेंटर्स में लकड़ी के अलाव नहीं जलाए जा सकेंगे। यहां लकड़ी जलाने पर पूरी तरह मनाही है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कॉमर्शियल उपयोग के लिए फायर वुड जलाने पर स्पष्ट रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। इसमें पर्यटकों के नाम पर व्यवसायिक सेंटर में होने वाले आयोजनों में अलाव भी प्रतिबंधित रहेगा। किचिन में भी लकड़ी का उपयोग नहीं किया जाएगा। क्रिसमस और न्यू ईयर के मौके पर टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्क के आस-पास बने होटल-रिसोर्ट में विशेष आयोजन रखे जाते हैं, पार्टियों का आयोजन होता है। इसमें अलाव भी खूब जलाए जाते हैं।

उधर शहरों में घर पर बार की सुविधा

दूसरी ओर भोपाल समेत प्रदेश के अन्य जिलों में शहरी इलाकों में आबकारी अफसरों ने आदेश जारी कर एक दिन का शराब लाइसेंस देने का निर्णय लिया है। आदेश के मुताबिक सिर्फ 500 रुपए देकर घर में बार खोल सकते हैं। जिन रेस्टोरेंट, होटल या गार्डन में 500 से 5 हजार तक भीड़ जुटेगी तो वहां लाइसेंस के बदले 25 हजार से 2 लाख रुपए तक देना पड़ेंगे। न्यू ईयर पर आबकारी विभाग पार्टी के लिए 1 दिन का शराब लाइसेंस देगा। आबकारी विभाग ऑनलाइन लाइसेंस जारी करेगा। आबकारी की यह गाइडलाइन न्यू ईयर से पहले आई है। ऐसे में 31 दिसंबर और 1 जनवरी के दिन भी लोग लाइसेंस ले सकते हैं।

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