सक्सेस की तलाश में नर्मदापुरम से भोपाल आई थी युवती:भाई बोला लॉज चलाने वाले रूपेश ने धोखा दिया, पत्नी की तरह रखा, शादी नहीं की

भोपाल में एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर सुसाइड करने वाली मेघा यादव पांच साल पहले सक्सेस की चाह में नर्मदापुरम से भोपाल आई थी। मजदूर पिता ने बमुश्किल उसे पढ़ाया था। वह परिवार के लिए कुछ करना चाहती थी। भोपाल से उसने बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई की और यहीं जेके अस्पताल में नर्स बन गई। बड़े शहर में आने के बाद मेघा लाउंज और रेस्टोरेंट में जाने आने लगी।
कोलार में ही हुक्का लाउंज और कैफे का संचालन करने वाले रूपेश के संपर्क में आई मेघा रूपेश से प्यार करने लगी। दोनों की मुलाकात कैफे में हुई। आरोपी ने जल्द शादी करने का भरोसा दिलाया और उसके साथ लिव इन में रहने लगा। करीब चार साल तक मेघा और रूपेश साथ रहे, अचानक रूपेश ने मेघा से तमाम रिलेशन खत्म कर दिए। बीते एक महीने से वह मेघा को नजरअंदाज कर रहा था।
उसका कॉल पिक नहीं करता था, मिलने को भी राजी नहीं था। प्यार में अचानक धोखा मिलने के बाद मेघा टूट गई थी। लिहाजा उसने सुसाइड कर लिया। इससे पहले उसने रूपेश से कॉल पर बात की थी। मेघा का मोबाइल फोन पुलिस ने जब्त कर लिया है। जिसका परीक्षण कराया जाएगा। मेघा के रूम से पुलिस को इंजेक्शन और सीरिंज मिली है। इसे भी परीक्षण के लिए भेजा गया है। परिजनों के कथन के आधार पर पुलिस रूपेश के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है। मृतका की पीएम रिपोर्ट भी पुलिस को अभी नहीं मिल सकी है।
रूपेश ने कहा था परिजन राजी नहीं मृतका के भाई राजा यादव ने बताया कि इसी साल मार्च महीने में रूपेश बड़ी बहन मेघा को लेकर उनके गांव आया था। जहां उसने मां-पिता से बात की और मेघा से शादी करने की मंशा जाहिर की। परिवार ने मेघा से पूछा और उसकी खुशी के लिए शादी के लिए हामी भर दी। सब ठीक चल रहा है। करीब एक महीने पहले रूपेश ने मेघा से शादी करने से इनकार कर दिया।
उसने मेघा को बताया कि इंटरकास्ट मैरिज के लिए परिजन राजी नहीं है। लिहाजा वह उससे शादी नहीं कर सकता। अपना सब कुछ रूपेश को सौंप चुकी मेघा ने उसे मनाने का प्रयास किया लेकिन रूपेश ने उसको अपनाने से साफ इनकार कर दिया। भाई का दावा है कि यह तमाम बातें मेघा ने स्वयं उसकी बड़ी बहन और उसे बताया था।
मुंहबोला भाई बताया, भर्ती कराकर गया कोलार थाना प्रभारी संजय सोनी ने बताया कि मृतका मेघा यादव (30) पिता मयाराम यादव, जेके हॉस्पिटल के पास किराए के कमरे में रहती थी। बुधवार रात एक युवक उसे अस्पताल लेकर आया और खुद को उसका मुंहबोला भाई बताकर भर्ती कराने के बाद चला गया।
अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम ने युवती के कमरे से कुछ मेडिकल सामग्री जब्त की है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
सुसाइड से पहले भांजे से बात की थी सुसाइड से पहले मेघा ने अपने भांजे से फोन पर बातचीत की थी। उस समय वह सामान्य थी। बाद में रात को रूपेश ने मेघा के ही फोन से कॉल कर परिजन को उसे अस्पताल में भर्ती कराने की जानकारी दी। जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो मेघा तो भर्ती मिली, जबकि रूपेश नहीं था। उसका मोबाइल भी बंद बता रहा है।
परिवार में दूसरे नंबर की बेटी थी मेघा मेघा के पिता मजदूरी करते हैं और माला खेड़ी गांव नर्मदापुरम में रहते हैं। मेघा की बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, दूसरे नंबर की मेघा थी, जबकि दोनों भाई उससे छोटे थे। एक भाई नर्मदापुरम में जॉब करता है। सबसे छोटा भाई राजा फिलहाल पढ़ाई कर रहा है। मेघा पढ़ने में होनहार थी और सक्सेस होने के बाद मां-पिता को भोपाल में अपने साथ रखने की बात करती थी। उसकी मौत के बाद पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पोस्टमॉर्टम के दौरान बेटी की याद कर मर्चुरी में नम आखों के साथ शव का इंतजार करते रहे।





