गाजियाबाद: मोदीनगर के भोजपुर थाने में 80 हजार की हेराफेरी का खुलासा, मृत हेड मोहर्रिर पर केस दर्ज

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के मोदीनगर के भोजपुर थाना एक बार फिर सुर्खियों में है। फर्जी पासपोर्ट सत्यापन मामले में एसओ समेत 10 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब थाने के मालखाने से 80 हजार रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि जिस हेड मोहर्रिर पर गबन का आरोप लगा है, उनकी मार्च 2024 में मृत्यु हो चुकी है। इसके बावजूद थाना प्रभारी की ओर से उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
तीन साल पहले की बताई जा रही है हेराफेरी
जानकारी के अनुसार, गजेंद्र सिंह करीब तीन वर्ष पूर्व भोजपुर थाने में हेड मोहर्रिर के पद पर तैनात थे। थाने के मालखाने में जब्त वाहन, अपराधियों से बरामद हथियार, नकदी और अन्य सामान रखा जाता है। इन सभी वस्तुओं का लेखा-जोखा हेड मोहर्रिर के जिम्मे होता है। बताया जा रहा है कि उसी दौरान मालखाने में जमा 80 हजार रुपये की रकम में हेराफेरी हुई थी। हाल ही में रिकॉर्ड मिलान के दौरान यह अनियमितता सामने आई जिसके बाद उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई।
जांच में सामने आया नाम
मामले की जांच एसीपी मसूरी और एसीपी वेव सिटी को सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन हेड मोहर्रिर गजेंद्र सिंह का नाम सामने आया। जब उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई तो पता चला कि मार्च 2024 में उनका निधन हो चुका है। इसके बावजूद थाना प्रभारी ने उनके खिलाफ गबन का केस दर्ज कराया है।
एसीपी मोदीनगर को नहीं थी जानकारी
चौंकाने वाली बात यह है कि एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि उन्हें इस तरह के किसी मुकदमे की जानकारी नहीं है। इससे यह सवाल उठ रहे हैं कि मामले को लेकर विभागीय स्तर पर समन्वय की कमी है या नहीं। मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, जैसे तीन साल तक हेराफेरी का पता क्यों नहीं चला? नियमित ऑडिट या निरीक्षण की प्रक्रिया में चूक कैसे हुई? मृत कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के पीछे क्या कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई





