ट्रॉफी जीतनी है तो अपनी स्ट्रेंथ पर भरोसा करना होगा’, समझिए कैसे भारत का ख्वाब फिर हो सकता है पूरा

नई दिल्ली: T20 विश्वकप के सुपर 8 के पहले मुकाबले में साउथ अफ्रीका से हार के बाद पैनिक करने का समय नहीं है। अब समाधान ढूंढने और कमजोरियों पर ध्यान देने की जरूरत है। बड़े बदलाव इस समय उल्टा असर दे सकते हैं, इसलिए टीम को अपनी मौजूदा ताकत पर भरोसा रखना चाहिए और उसी पर भरोसा कर रणनीति बनानी चाहिए।

उन्हें भी खतरा था

हमें खराब शुरुआत से नहीं उबर पाने की वजह तलाशनी होगी। साउथ अफ्रीका ऐसी स्थिति से पार पा गया था। इसकी एक वजह है कि हमारे बल्लेबाज धीमी गेंद के आगे घुटने टेक दिए, जबकि मिलर और ब्रेविस और फिर स्टब्स ने अपनी बल्लेबाजी में परिपक्वता दिखाई।

साउथ अफ्रीका की शानदार प्लानिंग

साउथ अफ्रीका ने भारत के हर बल्लेबाज के लिए अलग रणनीति अपनाई। लेफ्टी ओपनरों के खिलाफ पार्ट-टाइम स्पिनर का इस्तेमाल किया। अभिषेक को अलग-अलग गेंदबाजी और नकल बॉल से परेशान किया। सूर्यकुमार यादव को धीमी गेंदों पर फंसाया। लुंगी एनगिडी की ऑफसाइड फील्ड, मार्को येनसन की नकल बॉल और केशव महाराज की शॉट इनवाइट करने वाली गेंदों ने भारतीय बल्लेबाजों को नियंत्रण से बाहर कर दिया।

हमारी प्लानिंग धराशाई

अब कहा जा रहा है कि उपकप्तान अक्षर पटेल को नहीं खिलाकर हमने भूल की क्योंकि, इन्होंने ही पिछले T20 विश्व कप फाइनल में मुश्किल हालात में टीम को बल्ले से संभाला था। सवाल यह भी है कि वाशिंगटन सुंदर को तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए टीम में रखा गया था तो उन्हें बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ क्यों नहीं खेलाया गया। बुमराह ने दो बाएं हाथ के बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया, लेकिन तीसरे लेफ्टी मिलर के सुंदर को चौका लगने से कप्तान का भरोसा कम नहीं हुआ?

ट्रम्प कार्ड नहीं चला

कप्तान ने वाशिंगटन सुंदर पर तब भी भरोसा नहीं किया, जब ट्रंप कार्ड माने जाने वाले वरुण चक्रवर्ती काम नहीं कर पा रहे थे। सुंदर ने मिलर और स्टब्स के सामने बिना कोई चौका दिए सिर्फ छह रन दिए थे, तब उन पर विश्वास नहीं जताया गया। वरुण चक्रवर्ती इस मैच में अपनी लाइन और लेंथ पर काबू नहीं रख पाए थे।

आगे क्या होगा?

टीम इंडिया का अगला मुकाबला जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज से है। ये टीमें साउथ अफ्रीका जितनी खतरनाक नहीं हैं, लेकिन जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका को हराकर ताकत दिखाई है। सिकंदर रजा ऑफ और लेग स्पिन दोनों अच्छी तरह करते हैं और लेग स्पिनर ग्रेम क्रेमर अहम मौके पर विकेट ले सकते हैं। वेस्टइंडीज के पास दो बार T20 विश्व कप जीत का अनुभव है, रोस्टन चेज बेहतरीन ऑफ स्पिनर हैं और गुडाकेश मोती की चाइनामैन गेंदबाजी खतरनाक हो सकती है। वेस्टइंडीज का मुकाबला ईडन गार्डन में होगा। जहां कुछ साल पहले इसने T20 विश्व कप का खिताबी मुकाबला जीता था।

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