‘खौफ के वो 15 मिनट जीवनभर नहीं भूल पाऊंगी’, गोरखपुर एम्स की लेडी डॉक्टर का शोहदों ने 1.5 Km तक किया पीछा

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर एम्स की लेडी डॉक्टर के साथ कुछ शोहदों ने छेड़खानी की है। यह मामला लगातार हाइलाइट होता जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दो को गिरफ्तार भी कर लिया है। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। एम्स प्रबंधन ने इस मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस अधिकारियों से लेकर सीएम तक की है।
नागालैंड निवासी डॉक्टर गोरखपुर एम्स के स्त्री रोग विभाग में थर्ड ईयर की पढ़ाई कर रही हैं। 22 फरवरी को कैंट थाना क्षेत्र स्थित ओरियन मॉल के पास उनके साथ छेड़खानी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। रात 8:00 बजे लेडी डॉक्टर ओरियन माल से अपनी स्कूटी से एम्स के लिए निकली। इसी बीच बाहर खड़े बाइक सवार 3 शोहदों ने छेड़खानी शुरू कर दी। फब्तियां कसते हुए वह डॉक्टर के पीछे-पीछे चल दिए। रास्ते भर भद्दे कमेंट करते रहे।
डॉक्टर के चिल्लाने पर दौड़े सुरक्षा गार्ड
आरोप है कि उनमें से एक ने दहशत फैलाने की मकसद से अपनी शर्ट भी उतार दी। लगभग डेढ़ किलोमीटर का रास्ता तय कर महिला डॉक्टर किसी तरह एम्स के गेट नंबर 2 पर पहुंची। इस दौरान एक युवक ने डॉक्टर को गालियां देते हुए बैड टच करने की कोशिश की। महिला डॉक्टर के चिल्लाने पर गेट के पास मौजूद गार्ड ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की लेकिन तीनों फरार हो गए। घटना के बाद से डॉक्टर बेहद सहमी हुई है। उन्होंने इसकी शिकायत एम्स प्रबंधन से की है।
एम्स प्रशासन करा रहा डॉक्टर की काउंसलिंग
रेजिडेंट डॉक्टर ने बताया कि डेढ़ किलोमीटर रास्ते में उनके साथ शोहदे बहुत ज्यादा बद्तमीजी करते रहे। लोग देखते रहे और किसी ने उनको रोकने की कोशिश नहीं की। इससे उनका डर और बढ़ गया। खौफ के ये 15 मिनट वह जीवनभर नहीं भूल पाएगी। एम्स प्रशासन अब डॉक्टर की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को देखते हुए काउंसलिंग करा रहा है।
डॉक्टर ने नाफोर्ड से भी की शिकायत
महिला डॉक्टर ने इसकी शिकायत नाफोर्ड (नॉर्थ ईस्ट फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया रेजिडेंस डिक्टर्स) से भी की। नोफोर्ड एम्स ने सीएम ऑफिस को टैग करते हुए मामले की शिकायत x हैंडल पर की है। जैसे ही यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोग तेजी से प्रतिक्रिया देने लगे हैं। शिकायत की प्रति एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, सीएम ऑफिस और गोरखपुर एम्स प्रशासन को भी भेजी गई है। नाफोर्ड ने अपील की है कि मुख्यमंत्री इसे खुद संज्ञान में ले और सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी करें।





