बजट सत्र, कस्टोडियल डेथ-रेव पार्टी पर घिरेगी सरकार:भूपेश उठाएंगे मुद्दा

रायपुर, छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन की कार्यवाही चल रही है। सदन में कस्टोडियल डेथ, जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदियों की स्थिति, रायपुर के फॉर्म हाउस में रेव पार्टियों की कार्रवाई और प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा की बदहाल व्यवस्था जैसे मुद्दे पर चर्चा हो रही है।

इसके साथ ही 108 एम्बुलेंस सेवा के टेंडर, तकनीकी संस्थानों से पासआउट युवाओं को रोजगार, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे काम, नक्सल पुनर्वास नीति और शराब दुकानों और आहता के आवंटन के मापदंड जैसे विषय पर भी सरकार को घेरने की कोशिश होगी।

प्रश्नकाल में खास तौर पर गृहमंत्री विजय शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और मंत्री खुशवंत साहेब के विभागों से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण के बाद 24 फरवरी को पेश बजट पर भी चर्चा शुरू होगी, जिससे चौथे दिन का सत्र और ज्यादा अहम हो गया है।

कस्टोडियल डेथ और जेलों की स्थिति पर सवाल

प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल राज्य में कस्टोडियल डेथ के मामलों को लेकर सवाल उठाएंगे। इसके साथ ही जेलों में स्वीकृत क्षमता से अधिक कैदियों के बंद होने का मुद्दा भी सदन में रखा जाएगा।

जबकि बीजेपी विधायक भावना बोहरा मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अधूरे सड़क निर्माण कार्यों को लेकर सरकार से जानकारी मांगेंगी। वहीं, बीजेपी विधायक विक्रम उसेंडी राज्य में लागू नक्सल पुनर्वास नीति की स्थिति पर प्रश्न करेंगे।

विधायक शकुंतला पोर्ते तकनीकी संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के विषय पर सवाल उठाएंगी। वहीं धरमलाल कौशिक 108 एम्बुलेंस सेवा के टेंडर प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगेंगे।

रायपुर के फॉर्महाउस और रेव पार्टी पर कार्रवाई

रायपुर के फॉर्महाउस में अवैध गतिविधियों और रेव पार्टियों के आयोजन का मुद्दा विधायक चातुरी नंद उठाएंगी। यह सवाल गृह विभाग से जुड़ा है, इसलिए गृहमंत्री विजय शर्मा को इस पर जवाब देना पड़ सकता है। सवाल होगा कि ऐसे आयोजनों पर निगरानी और कार्रवाई की क्या व्यवस्था है।

शराब दुकानों और आहता आवंटन पर ध्यानाकर्षण

रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए शराब दुकानों और आहता के आवंटन, स्थान चयन के लिए स्पष्ट मापदंड तय नहीं किए जाने का मुद्दा उठाएंगे। वे आबकारी मंत्री से यह जानना चाहेंगे कि दुकान खोलने के लिए कौन-कौन से मानक तय किए गए हैं और क्या इसमें पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है।

विधायक अंबिका मरकाम पारधी समुदाय के लोगों के जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने का मुद्दा उठाएंगी। यह मामला आदिम जाति और अनुसूचित जनजाति विकास विभाग से जुड़ा है।

बजट पर होगी चर्चा

प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के बाद सदन में 24 फरवरी को पेश किए गए बजट पर चर्चा शुरू होगी। विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र और विभाग से जुड़े मुद्दों को बजट से जोड़कर चर्चा का मौका मिलेगा।

कुल मिलाकर, विधानसभा का चौथा दिन सवालों, जवाबों और राजनीतिक तीखेपन से भरा रहने वाला है। कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर सरकार को आज सीधा सामना करना पड़ेगा।

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