24 घंटे के बाद न‍िशांत ने दी सम्राट को बधाई, क्‍यों नहीं बने ड‍िप्‍टी सीएम, खुद क‍िया खुलासा

पटना: नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने पूरे 24 घंटे बाद बिहार के मुख्यमंत्री बनने पर सम्राट चौधरी को बधाई दी। बिहार की नई सरकार के गठन पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और वरिष्ठ नेता विजय चौधरी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए सरकार बिहार के विकास के लिए तत्पर है और वे स्वयं इस टीम के साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं। निशांत ने कहा कि उन्हें अपने पिता नीतीश कुमार का निरंतर मार्गदर्शन प्राप्त होता रहेगा। उन्होंने राजनीति में अपनी सक्रियता का संकेत देते हुए कहा कि वे पार्टी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अपने पिता के 20 वर्षों के कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्होंने संकल्प लिया कि नीतीश कुमार ने बिहार के विकास का जो सपना देखा है, उसे वे हर हाल में पूरा करेंगे।

सम्राट चौधरी को बधाई के साथ सरकार पर भरोसा

मीडिया से बातचीत के दौरान निशांत कुमार ने बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को अपना ‘बड़ा भाई’ बताते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी। उन्होंने विजय चौधरी को भी अपना स्नेह और सम्मान अर्पित किया। निशांत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सम्राट चौधरी के कुशल नेतृत्व में एनडीए सरकार बिहार के विकास के लिए पूरी मजबूती से काम करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि नई टीम राज्य की जनता की उम्मीदों पर खरी उतरेगी। निशांत ने साफ किया कि वे और उनकी टीम मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार हैं, ताकि सरकार के लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके।

…तो इसलिए निशांत ने स्वीकार किया डिप्टी सीएम का पद

वहीं, जेडीयू विधायक विनय चौधरी ने मीडिया को बताया कि जब उनसे कहा गया कि आपको डिप्टी सीएम का पद स्वीकार करना चाहिए था, तो उन्होंने कहा कि वह अभी जनता से मिलेंगे। पूरे राज्य में घूमेंगे। अपने साथियों से जाकर मिलेंगे। जो हमारे पुराने साथी हैं जो दिवंगत हो गए हैं, उनके आवास पर जाएंगे। उन्होंने डिप्टी सीएम के ओहदे पर बहुत कुछ नहीं कहा, वे फिलहाल पार्टी को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं।

जेडीयू दफ्तर में निशांत का भव्य स्वागत

बिहार की राजनीति में एक नई हलचल देखने को मिली जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अचानक जेडीयू प्रदेश कार्यालय पहुंचे। उनके वहां पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी और नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। निशांत ने इस दौरान न केवल पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की, बल्कि जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से भी संवाद कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस मौके पर जेडीयू के कई विधायक और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा भी मौजूद रहे। पार्टी दफ्तर में उनकी सक्रियता को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, जिसे भविष्य की राजनीति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

पिता नीतीश के पदचिन्हों पर चलने का संकल्प

निशांत कुमार ने अपने पिता नीतीश कुमार के 20 वर्षों के समर्पण और बिहार के लिए किए गए बेहतरीन कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य अपने पिता के अधूरे सपनों को साकार करना है। निशांत ने जोर देकर कहा कि उन्हें हमेशा अपने पिता का मार्गदर्शन मिलता रहेगा और वे लगातार जेडीयू को संगठनात्मक रूप से मजबूत करने की दिशा में काम करते रहेंगे। उनके अनुसार, बिहार का विकास और पार्टी की जड़ें गहरी करना ही उनकी प्राथमिकता है।

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