सीजन में पहली बार MP में ‘वॉर्म नाइट’ का अलर्ट

भोपाल, गर्मी के इस सीजन में मध्य प्रदेश में पहली बार ‘वॉर्म नाइट’ का अलर्ट है। IMD (मौसम केंद्र) की माने तो मंगलवार की रात भोपाल समेत 9 शहरों में रात में भी तेज गर्मी रहेगी। वहीं, डिंडौरी में लू का अलर्ट है। इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन-जबलपुर समेत अधिकतर शहरों में पारा 42 डिग्री के पार ही रहेगी।
मंगलवार रात जिन 9 शहरों में वॉर्म नाइट का अलर्ट है, उनमें भोपाल, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। इससे पहले रविवार-सोमवार की रात में भोपाल, छिंदवाड़ा, मंडला और नर्मदापुरम में गरम रात रही।
यह होती है वॉर्म नाइट मौसम विभाग के मुताबिक, वॉर्म नाइट मौसम की एक ऐसी स्थिति है, जब रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ज्यादा होता है। यानी, न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री तक अधिक हो।
वहीं, दिन का अधिकतम तापमान 40°C या उससे अधिक रहा हो। यदि रात का तापमान सामान्य से 6.4°C से अधिक बढ़ जाए, तो इसे ‘सीवियर वॉर्म नाइट’ कहा जाता है। प्रदेश में फिलहाल सीवियर वॉर्म नाइट की स्थिति नहीं है।
खजुराहो सबसे गर्म, पारा 43 डिग्री रहा इससे पहले सोमवार को कई शहरों में भीषण गर्मी वाला दौर रहा। छतरपुर के खजुराहो में तापमान सबसे ज्यादा 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दतिया में 42.3 डिग्री, रतलाम-सीधी में 42.2 डिग्री रहा। रीवा-श्योपुर में 42 डिग्री, रायसेन में 41.6 डिग्री, नौगांव में 41.5 डिग्री और नरसिंहपुर में तापमान 41.4 डिग्री रहा।
प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में सबसे ज्यादा 42.5 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 39.8 डिग्री, इंदौर-उज्जैन में 39.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.5 डिग्री रहा।
दिन में भी छाए बादल रविवार-सोमवार की रात एवं सुबह के समय खरगोन, इंदौर, सीहोर, सागर, अशोकनगर, आगर-मालवा, नर्मदापुरम, गुना, सतना, मुरैना, हरदा, खंडवा, बड़वानी, उज्जैन, बैतूल में बारिश, गरज-चमक का दौर रहा। भोपाल में सुबह देर से धूप निकली।
इसलिए बदला मौसम पिछले तीन दिन से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के साथ टर्फ की एक्टिविटी देखने को मिल रही है। इस वजह से प्रदेश में बादल भी छाए रहे। वहीं, दक्षिणी हिस्से के जिलों में आंधी-बारिश का दौर भी रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, 23 अप्रैल को एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, एमपी में इसका असर कम रहेगा।
गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पीएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहे। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें।
अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में पड़ती है तेज गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तेज गर्मी पड़ती है।





