MP में बार-बार लक्ष्मण रेखा लांघ रहे भाजपा नेता, बिगड़े बोल और खुलेआम धमकियों से पार्टी की हो रही किरकिरी

भोपाल। प्रदेश में मंत्रियों से लेकर विधायक और अन्य पार्टी पदाधिकारियों द्वारा भाजपा के अनुशासन, भाषा की गरिमा की लक्ष्मण रेखा लांघने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। वरिष्ठ नेताओं के बिगड़े बोल और अधिकारियों को खुलेआम दी जा रही धमकियों ने पार्टी की किरकिरी कराई है। पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने करैरा के एसडीओपी (प्रशिक्षु आइपीएस) आयुष जाखड़ को खुलेआम धमकी दी।

इसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इससे पहले विधानसभा के बजट सत्र में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के विरुद्ध अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया था।

मई, 2025 में प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह ने एक सैन्य अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ अमर्यादित और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। इसी माह के शुरू में हाई कोर्ट ने भाजपा विधायक संजय पाठक के खिलाफ आपराधिक अवमानना के मामले में निर्देश जारी किए।

उन पर अवैध उत्खनन मामले की सुनवाई कर रहे हाई कोर्ट जज से संपर्क करने की कोशिश का आरोप है। पार्टी संगठन समय-समय पर नोटिस जारी कर इन पर नियंत्रण करने की कोशिश करता है लेकिन बार-बार दोहराई जा रही इन घटनाओं ने भाजपा की ‘अनुशासित पार्टी’ वाली छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इन नेताओं ने अपने काम से पार्टी को किया असहज

सागर जिले की देवरी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक बृजबिहारी पटैरिया ने एक मामले में पुलिस द्वारा डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज न करने से नाराज होकर केसली थाने के भीतर ही अपना इस्तीफा लिख दिया और उसे विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया। कुछ दिन पहले उनकी बेटी प्रियंका पटैरिया पर एक युवक के साथ जूते से मारपीट करने का आरोप लगा है। इस घटना का सीसीटीवी वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुआ।

मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल एक वीडियो में एडिशनल एसपी अनुराग पांडेय के सामने दंडवत होते नजर आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी अपराधियों के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं।

भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने अगस्त 2025 में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव पर मुक्का (घूंसा) ताना था और उन्हें चोर कहा था।

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