​ग्वालियर के एजी ऑफिस स्थित 'दारुल कुरआन' मदरसे में बाल आयोग की शुक्रवार को दबिश के बाद विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए हैं। मदरसे में बच्चों के साथ गंभीर लापरवाही, बदहाली और अन्य धर्मों के खिलाफ आपत्तिजनक किताबें मिलने के विरोध में राष्ट्रीय सनातन सेना ने जोरदार प्रदर्शन किया।

संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि 4 दिन में ताला नहीं लगा, तो कार्यकर्ता खुद तालाबंदी करेंगे।

​अगर मदरसे में किसी भी बच्चे के साथ किसी व्यक्ति द्वारा अगर गलत करने की जानकारी प्राप्त होगी तो उसका काला मुंह करके उसे गधे पर बिठाएंगे।


26 बच्चों को किया था रेस्क्यू

शुक्रवार को मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता ने सीडब्ल्यूसी (CWC) टीम के साथ औचक निरीक्षण किया था। मौके पर 4 से 14 साल के 8 बच्चियां और 18 बच्चे मिले थे। जांच में सामने आया कि रजिस्टर्ड 15 बच्चियों में से मौके पर सिर्फ 8 ही मौजूद थीं, जबकि कुछ को पिछले रास्ते से भगा दिया गया था। इस दौरान प्रबंधन न तो मान्यता के कागजात दिखा सका और न ही रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेज पेश कर पाया।

​किचन से लेकर टॉयलेट तक…गंदगी का अंबार

निरीक्षण के दौरान टीम को रसोई घर और टॉयलेट में भारी गंदगी मिली थी, जिनमें दरवाजे तक नहीं थे। 42 रजिस्टर्ड बच्चों को एक छोटे से हॉल में बिना पलंग के महज़ पतली चादर के सहारे सोने के लिए मजबूर किया जा रहा था।

राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती शुक्ला ने कहा कि ऐसे अवैध अड्डों पर मासूमों को भड़काऊ शिक्षा दी जा रही है। फिलहाल, सुरक्षा और जांच एजेंसियां मदरसे के निर्माण, जमीन और फंडिंग के स्रोतों की गहराई से छानबीन कर रही हैं।