दिवाली से पहले राजधानी जयपुर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगर निगम ने शनिवार रात परकोटे में विशेष सफाई अभियान चलाया।
'ऑपरेशन क्लीन स्वीप 2.0' के तहत रात 12 बजे से पूरी रात परकोटे के प्रमुख बाजार और अंदरूनी गलियों में सफाई की गई।
अभियान में नगर निगम मेयर सुनील कोठारी और कमिश्नर ओम कसेरा ने भी मोर्चा संभाला। करीब ढाई हजार सफाई कर्मचारियों और 1000 संसाधनों की मदद से परकोटे के बाजार, सड़कों और गलियों से कचरा हटाया गया।
मेयर सुनील कोठारी ने खुद झाड़ू लेकर सफाई की। दरअसल, दिवाली पर बाजारों और घरों में साफ-सफाई के साथ कचरे की मात्रा भी बढ़ जाती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने इस बार त्योहार से पहले विशेष सफाई अभियान चलाने का फैसला किया।
घर की तरह शहर की भी करें सफाई
मेयर सुनील कोठारी ने कहा- दीपोत्सव पर जिस तरह हर व्यक्ति अपने घर की विशेष सफाई करता है, उसी तरह नगर निगम शहर के प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई कर रहा है। इसके लिए करीब 2 हजार अतिरिक्त कर्मचारियों और संसाधनों को लगाया गया।
शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था और आवारा पशुओं की समस्या को लेकर पूछे गए सवाल पर मेयर ने कहा- ये दोनों गंभीर मुद्दे हैं।
इनके समाधान के लिए नगर निगम को अपनी कमियों को दूर करने के साथ ही आमजन का सहयोग भी बढ़ाना होगा। सभी मिलकर प्रयास करेंगे तो इसका सकारात्मक परिणाम सामने आएगा।
उन्होंने कहा- शहर को स्वच्छ बनाने के लिए वार्ड स्तर पर युवाओं को जोड़कर जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
जिस तरह इंदौर के लोग अपने शहर को गंदा नहीं होने देते, उसी तरह जयपुर के नागरिकों में भी अपने शहर के प्रति जिम्मेदारी और स्वच्छता का भाव विकसित करना है।
दिन में ट्रैफिक, इसलिए रात में सफाई अभियान
नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने बताया- कुछ महीने पहले नगर निगम ने ऑपरेशन क्लीन स्वीप अभियान शुरू किया था। इसके तहत रातों-रात शहर के प्रमुख हिस्सों की विशेष सफाई की गई थी। उसी कड़ी में अब ऑपरेशन क्लीन स्वीप 2.0 आयोजित किया है।
उन्होंने कहा- इस बार अतिरिक्त कर्मचारी और संसाधन लगाकर परकोटे में रातभर सफाई कराई जा रही है। दिन में बाजारों में ट्रैफिक और आमजन की आवाजाही अधिक रहती है।
ऐसे में बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाने से लोगों को परेशानी हो सकती है। इसलिए रात का समय चुना गया, ताकि आमजन की आवाजाही प्रभावित किए बिना दिवाली के दौरान निकलने वाले अतिरिक्त कचरे को हटाया जा सके।
सड़क पर कचरा नहीं फेंकें, निगम की गाड़ी में ही डालें
नगर निगम कमिश्नर ने कहा- नगर निगम शहर को स्वच्छ बनाने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है, लेकिन इसमें आमजन की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। लोगों को सड़कों पर कचरा फेंकने से बचना चाहिए। घरों का कचरा नगर निगम की कचरा संग्रहण गाड़ी में ही डालना चाहिए।
उन्होंने कहा- केवल नगर निगम के प्रयासों से शहर को लंबे समय तक स्वच्छ नहीं रखा जा सकता। जब तक नागरिक अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे, तब तक सफाई व्यवस्था में स्थाई सुधार मुश्किल है। शहर को साफ रखने के लिए निगम और आमजन को मिलकर काम करना होगा।
अब स्वच्छता मैराथन की तैयारी
निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने बताया- आमजन की भागीदारी और सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद नगर निगम ने 'रंग दे गुलाबी 2.0' अभियान आयोजित किया था। अब दीपोत्सव से पहले ऑपरेशन क्लीन स्वीप 2.0 चलाया गया। जल्द ही स्वच्छता मैराथन आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा- इन अभियानों का उद्देश्य केवल कुछ दिनों तक सफाई करना नहीं, बल्कि शहरवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाना है।
नगर निगम चला रहा अलग-अलग अभियान
जयपुर नगर निगम शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए अलग-अलग अभियान चला रहा है। 'रंग दे गुलाबी', स्वच्छता मैराथन और ऑपरेशन क्लीन स्वीप जैसे अभियानों के जरिए सफाई के साथ आमजन की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
रंग दे गुलाबी और ऑपरेशन क्लीन स्वीप का दूसरा चरण पूरा हो चुका है। अब स्वच्छता मैराथन की तैयारी है। नगर निगम का प्रयास है कि दिवाली से पहले शहर के बाजारों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा कचरे को हटाकर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जाए।
जयपुर…अक्सर रात को यहां की सड़कों पर सन्नाटा होता है, लेकिन शुक्रवार रात अलग थी। न कोई वीआईपी मूवमेंट था, न कोई सेलिब्रेशन। फिर भी नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा आधी रात सड़कों पर पैदल घूम रहे थे।