जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर ₹1,358 पर लिस्ट हुआ है, जो इसके ₹1,119 के इश्यू प्राइस से 21% ज्यादा है। रिलायंस के बाद यह मार्केट कैप के हिसाब से देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। इसका मार्केट कैप 12.50 लाख करोड़ रुपए हो गया है। रिलायंस का मार्केट कैप 15.99 लाख करोड़ रुपए है। एयरटेल का मार्केट कैप 12.10 लाख करोड़ रुपए हैं।

लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयर बेचें या होल्ड करें?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आपने सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए पैसा लगाया है, तो लिस्टिंग के दिन मुनाफा वसूलना सही स्ट्रैटेजी होगी। लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स को शेयर को पोर्टफोलियो में होल्ड करने की सलाह है। एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि कंपनी का शेयर कुछ समय में ₹1,500 से ₹1,800 तक जा सकता है।

लिस्टिंग के बाद नए शेयर खरीदें या नहीं?

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, लिस्टिंग वाले दिन शुरुआत में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, इसलिए तुरंत एंट्री न लें। अगर लिस्टिंग के बाद शेयर में थोड़ी गिरावट आती है, तो धीरे-धीरे शेयर में खरीदारी करना ही बेहतर होगा। शेयर की कीमत, वैल्यूएशन और कंपनी के प्रदर्शन का आकलन करके ही निवेश का फैसला लें।

IPO को किस कैटेगरी में कितना सब्सक्रिप्शन मिला था?

NSE के मुताबिक, तीन दिन (21 से 23 अक्टूबर) में यह IPO कुल 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

  • QIB (संस्थागत निवेशक): 70.55 गुना

  • NII (गैर-संस्थागत निवेशक): 14.00 गुना

  • रिटेल निवेशक: 2.72 गुना

  • कुल सब्सक्रिप्शन: 22.19 गुना

100 अरब डॉलर के खास क्लब में जियो की एंट्री

जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ के समय 100 अरब डॉलर से ज्यादा के मार्केट कैप वाली दुनिया की सिर्फ चौथी ऐसी कंपनी बन गई है, जिसे उसके फाउंडर खुद चला रहे हैं। इस मामले में जियो अब मेटा, अलीबाबा और इलॉन मस्क की स्पेसएक्स के बिजनेस क्लब में शामिल हो गई है।


5 सितंबर 2016, रिलायंस ने ‘जियो’ नाम से फ्री सिम बांटनी शुरू कीं। इतना ही नहीं, अगले 6 महीने इंटरनेट भी मुफ्त दिया। जियो स्टोर्स पर ग्राहकों की लाइन लग गई।

दस साल बाद यही जियो जब भारत का सबसे बड़ा IPO लाई, तो लोग एक बार फिर टूट पड़े। जियो दुनियाभर में 1 करोड़ से ज्यादा आवेदन पाने वाला पहला IPO तो बना ही, इसने 3 दिन में 7 रिकॉर्ड बना डाले।