कोल्डप्ले कॉन्सर्ट की टिकट की ब्लैकमार्केटिंग पर विवाद

एक स्टिंग ऑपरेशन कर खुलासा किया था कि भारत में होने वाले कोल्डप्ले कॉन्सर्ट की टिकट की बड़े स्तर पर कालाबाजारी हो रही है। हमने स्टिंग ऑपरेशन में 3500 का टिकट 70 हजार में खरीदा था। खुलासे के बाद अब बुक माय शो ने कोल्डप्ले कॉन्सर्ट की नकली टिकट बेचने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।

ऑनलाइन टिकट एग्रीगेटर बुक माय शो कोल्डप्ले के कॉन्सर्ट का ऑफिशियल टिकटिंग पार्टनर है। बुक माय शो की तरफ से जारी बयान में स्पष्ट रूप से कहा गया कि बुक माय शो भारत में कोल्डप्ले के म्यूजिक ऑफ द स्फीयर्स वर्ल्ड टूर 2025 के टिकट सेल और रीसेल के लिए Viagogo और Gigsberg और किसी भी थर्ड पार्टी से नहीं जुड़ा है।

कंपनी ने कहा- हम भारत में स्केलिंग की सख्त निंदा करते हैं। ऐसा करने पर सजा का कानून है। हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मामले की जांच में पूरा सहयोग देंगे। बुक माय शो ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे घोटाले से बचें। अगर कोई अनअथॉराइज्ड सोर्स से टिकट खरीदता है कि तो सारा जोखिम उसका होगा। खरीदा गया टिकट नकली हो सकता है।

बुक माय शो एप पर भी 500 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप

BYJM (भारतीय जनता युवा मोर्चा) ने भी बुक माय शो पर धोखाधड़ी के आरोप लगाते हुए EOW (इकोनॉमिक्स ऑफेंस विंग) में शिकायत रजिस्टर करवाई है। बुक माय शो पर आरोप है कि इसके मैनेजमेंट ने टिकट सेलिंग के नाम पर मनी लॉन्ड्रिंग और 500 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। पार्टी के सदस्य तेजिंदर सिंह तिवाना ने कहा है कि बुक माय शो को पहले एप पर आने वाले लोगों को पहले टिकट देनी थी, हालांकि एप ने ब्लैकमार्केटिंक करने वाले एजेंट के लिए स्पेशल लिंक तैयार की, जिससे वो टिकट खरीदकर उसे महंगे दामों में बेच सकें। वहीं टिकट खरीदने वालों को वर्चुअल क्यू में डाल दिया गया, जिससे वो टिकट बुक नहीं कर सके। इस धांधली से बुक माय शो एप ने 500 करोड़ रुपए की कमाई की है। उन्होंने ये भी कहा है कि टिकट ब्लैकमार्केटिंग का ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले वर्ल्डकप और आईपीएल के टाइम भी टिकट की ब्लैकमार्केटिंग हुई है। विआगोगो जैसी साइट्स पर 12500 रुपए की टिकट को 3 लाख रुपए में बेचा जा रहा था।

क्या होती है स्केलिंग

स्केलिंग का मतलब है कि किसी प्रोग्राम और म्यूजिक कॉन्सर्ट के टिकटों को थोक में खरीदना। इसके बाद जब टिकट लोगों को नहीं मिलते तो उन्हें वही टिकट महंगी कीमत पर बेचे जाते हैं। जो टिकट ब्लैक में खरीदे या बेचे जाते हैं, उनका कोई डेटा नहीं होता। यह सीधे-सीधे टैक्स में चोरी है। सरकार को इससे काफी नुकसान होता है। सरकार को कम रेट में टिकट बिक्री दिखाई जाता है, जबकि बाहर उसे काफी ज्यादा पैसों में बेचा जाता है। इसके अलावा जो साधारण लोग हैं, उन्हें कभी भी ऐसे इवेंट के टिकट नहीं मिल पाते, क्योंकि पहले से ही ब्लैक में टिकट बेच दिए जाते हैं। जिनके पास पैसे होते हैं, वे तो आसानी से ऊंचे दामों पर टिकट खरीद लेते हैं, लेकिन साधारण लोग इससे वंचित रह जाते हैं।

भारत में टिकटों की जालसाजी को लेकर कोई विशेष कानून नहीं

क्या भारत में टिकटों की जालसाजी को लेकर कोई कानून है? दैनिक भास्कर ने इसका जवाब जानने के लिए हमने वकील अली काशिफ खान देशमुख से संपर्क किया। उन्होंने कहा, ‘सिनेमा के टिकटों के अलावा मनोरंजन के साधनों के टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग पर प्रतिबंध के लिए कोई विशेष कानून नहीं है। फिलहाल, सिर्फ IPC की धारा 406, 420 या BNS और IT एक्ट के प्रावधान ही इस मामले में लागू होते हैं। इसलिए सरकार को इस तरह के गैरकानूनी कामों पर रोक लगाने के लिए एक ठोस कानून बनाना चाहिए।’ पूर्व ACP मुंबई वसंत ढोबले ने कहा कि बुक माय शो के खिलाफ अगर जालसाज ऐसी बातें कर रहे हैं तो उन्हें सामने आकर सफाई देनी चाहिए। उनकी शिकायत को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई हो सकती है।

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