नौकरी छोड़ शुरू किया मोबाइल फोन बनाने का काम, आज है 110 करोड रुपये का सालाना टर्नओवर

Blackzone Smartphone: यूं तो भारतीय स्मार्टफोन बाजार (Indian Smartphone Market) में ऐप्पल से लेकर सैमसंग, और कुछ चाइनीज कंपनियों का जलवा है। लेकिन कुछ भारतीय कंपनियों ने भी देशी ब्रांड नाम से काम जमाने का प्रयास किया। उनमें से कुछ सफल हुआ तो कुछ को कारोबार समेटना पड़ा। कन्नव ठुकराल इसमें से कुछ अलग हैं। उन्होंने यहां पहले फीचर फोन बनाने की फैक्ट्री डाली। फिर उसी फैक्ट्री में स्मार्टफोन बनाना शुरू किया। इस समय वह देशी स्मार्टफोन के बाजार में सफल कारोबारी के रूप में पहचाने जाते हैं। उनके प्रोडक्ट का डिस्ट्रीब्यूशन तो पैन इंडिया होता ही है, श्रीलंका और नेपाल में एक्सपोर्ट भी करते हैं।

दिल्ली बनी कर्मभूमि

कन्नव ठुकराल (Kannav Thukral) मूल रूप से पंजाब में लुधियाना में रहने वाले हैं। उनके पिता कारोबार के सिलिसले में काफी पहले दिल्ली आ गए थे। उन्होंने दिल्ली में स्कूटर के स्पेयर पार्ट्स बेचने की दुकान खोल ली थी। यहीं कन्नव का जन्म हुआ। उनकी शुरुआती पढ़ाई दरबारी लाल डीएवी मॉडल से हुई। फिर दिल्ली विश्वविद्यालय से कामर्स में ग्रेजुएशन किया। साथ ही साथ NIIT से GNIIT कोर्स भी कर लिया। वहीं से उन्हें प्लेसमेंट भी मिल गया। उन्हें ल्यूसेंट टेक्नोलोजीज में नेटवर्क इंजीनियर की नौकरी भी मिल गई। वहां उन्होंने काम करना शुरू कर दिया।

नौकरी छोड़ शुरू किया कारोबार

ल्यूसेंट टेक्नोलोजीज में उन्होंने तीन साल तक काम किया। इस बीच वह पिताजी के स्पेयर पार्ट्स की दुकान में भी सहयोग करते थे। एक दिन अचानक उनके पिता ने कहा नौकरी छोड़ पूरी तरह से कारोबार में आ जाओ। फिर उन्होंने यही किया। उस समय दिल्ली के खान मार्केट में उनकी एक स्पेयर पार्ट्स की दुकान थी। नाम था जनता ऑटो स्पेयर्स। इस दुकान में लग्जरी गाड़ियों के स्पेयर पार्ट्स मिलते थे। उसकी सोर्सिंग दुबई, जर्मनी, जापान आदि से की जाती थी। उस जमाने में सिर्फ एंबेसीज के पास ही लग्जरी कारें होती थीं। इसके साथ ही उन्होंने नोकिया के फीचर फोन के स्पेयर पार्ट्स का काम भी शुरू कर दिया था।

मोबाइल फोन की ट्रेडिंग शुरू की

उस समय देश में मोबाइल फोन का खूब विस्तार हो रहा था। इसे देखते हुए कन्नव ने नोकिया, सैमसंग आदि कंपनियों के शिपमेंट मंगवा कर उसे दिल्ली के विभिन्न बाजारों में बेचना शुरू किया। फोन के बारोबार में उन्हें मजा आने लगा। उसी समय कुछ भारतीय कंपनियों ने चीन स्पेयर पार्ट्स मंगा कर यहीं फोन की असेम्बलिंग करने लगे। इससे कन्नव को प्रोरणा मिली। फिर उन्होंने हरियाणा के सोनीपत जिले के कुंडली 1000 वर्ग मीटर जमीन में फैक्ट्री लगाई। वहीं कारा ब्रांड नाम से फीचर फोन बनाने लगे। कम कीमत के ये फीचर फोन ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में खूब बिकने लगे।

 

स्मार्टफोन के निर्माण में कूदे

फीचर फोन की सफलता से उत्साहित कन्नव ने 2016 में स्मार्टफोन बनाना शुरू किया। इस फोन का नाम उन्होंने रखा ब्लैकजोन (Blackzone)। इसे बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, जम्मू कश्मीर, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर के राज्य, दक्षिण भारत के राज्य, हर जगह बेचा गया। ये सस्ते स्मार्टफोन हैं, इसलिए इनकी मांग खूब है। इसी के साथ उन्होंने नेक बैंड, स्पीकर, स्मार्ट वार्च आदि का भी निर्माण शुरू किया। अब वह स्मार्ट टीवी बनाने की ओर अग्रसर हैं। इस समय उनका टर्नओवर 110 करोड़ रुपये का है। उनका कहना है कि वह मुख्यत: ग्रामीण भारत के लिए स्मार्ट फोन और अन्य साजोसामान बनाते हैं।

निर्यात भी करते हैं

कन्नव ठुकराल की कंपनी ब्लैकजोन टेक्नोलोजीज यूं तो सस्ते स्मार्टफोन बनाती है, 10 हजार रुपये से कम कीमत वाले। लेकिन उनके प्रोडक्ट देश के साथ-साथ विदेश में भी बिकते हैं। इस समय वह श्रीलंका और नेपाल में अपने स्मार्टफोन और अन्य प्रोडक्ट बेचते हैं। उनका कहना है कि वह इस समय बंगलादेश और भूटान में भी एक्सपोर्ट के अवसर तलाश रहे हैं। इस सिलसिले में बातचीत जारी है। जैसे ही बात बनी, उनका निर्यात इन देशों में भी होने लगेगा। जहां तक पाकिस्तान की बात है, तो वहां निर्यात करने पर कुछ पाबंदी है।

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