पंजाब BJP अध्यक्ष को इंडिगो फ्लाइट में टूटी सीट मिली:बोले-एयरलाइन कंपनी का ‘चलता है’ वाला रवैया

पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इंडिगो एयरलाइंस की सर्विस पर सवाल उठाए हैं। चंडीगढ़ से दिल्ली की यात्रा में जाखड़ की सीट के कुशन ढीले मिले।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर टूटी सीटों की तस्वीरें शेयर कर जाखड़ ने कहा, ‘जब उन्होंने इसे लेकर क्रू मेंबर्स से बात की तो उन्होंने कंपनी की वेबसाइट पर जाकर शिकायत करने को कहा।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को देखना चाहिए कि प्रमुख एयरलाइंस का यह ‘चलता है’ वाला रवैया सुरक्षा मानदंडों तक न बढ़े।’

इससे पहले, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को एअर इंडिया की सुविधाओं पर सवाल उठाए थे। शिवराज को फ्लाइट में टूटी सीट पर बैठकर यात्रा करनी पड़ी थी।

जाखड़ बोले- सीटें सुरक्षा नियमों के अनुरूप नहीं सुनील जाखड़ ने अपनी पोस्ट में कहा- ऐसा लगता है कि टूटी हुई सीटें, जैसा कि शिवराज सिंह चौहान जी ने बताया है, एअर इंडिया का विशेष अधिकार क्षेत्र नहीं हैं। 27 जनवरी को इंडिगो चंडीगढ़-दिल्ली उड़ान की कुछ तस्वीरें यहां दी गई हैं, जिसमें कई सीटों पर ढीले कुशन लगे हुए हैं, जबकि नियमित रूप से फिट की गई सीटें सुरक्षा नियमों के अनुरूप नहीं हैं।

केबिन क्रू ने हमेशा की तरह विनम्र होने के बावजूद इस बारे में कुछ भी करने में असमर्थता जताई और कहा कि मुझे कंपनी की वेबसाइट पर शिकायत करनी चाहिए। मुझे ढीले कुशन या सीटों के आराम की चिंता नहीं है।

शिवराज ने लिखा था- सीट पर बैठना तकलीफदायक था शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर लिखा था- मुझे भोपाल से दिल्ली आना था, पूसा में किसान मेले का उद्घाटन, कुरुक्षेत्र में प्राकृतिक खेती मिशन की बैठक और चंडीगढ़ में किसान संगठन के माननीय प्रतिनिधियों से चर्चा करनी है। मैंने एअर इंडिया की फ्लाइट क्रमांक AI436 में टिकिट करवाया था, मुझे सीट क्रमांक 8C आवंटित हुई। मैं जाकर सीट पर बैठा, सीट टूटी और अंदर धंसी हुई थी। बैठना तकलीफदायक था।

जब मैंने विमानकर्मियों से पूछा कि खराब सीट थी तो आवंटित क्यों की? उन्होंने बताया कि प्रबंधन को पहले सूचित कर दिया था कि ये सीट ठीक नहीं है, इसका टिकट नहीं बेचना चाहिए। ऐसी एक नहीं और भी सीटें हैं। सहयात्रियों ने मुझे बहुत आग्रह किया कि मैं उनसे सीट बदल कर अच्छी सीट पर बैठ जाऊं लेकिन मैं अपने लिए किसी और मित्र को तकलीफ क्यों दूं, मैंने फैसला किया कि मैं इसी सीट पर बैठकर अपनी यात्रा पूरी करूंगा।

मेरी धारणा थी कि टाटा प्रबंधन के हाथ में लेने के बाद एअर इंडिया की सेवा बेहतर हुई होगी, लेकिन ये मेरा भ्रम निकला। मुझे बैठने में कष्ट की चिंता नहीं है लेकिन यात्रियों से पूरा पैसा वसूलने के बाद उन्हें खराब और कष्टदायक सीट पर बैठाना अनैतिक है। क्या ये यात्रियों के साथ धोखा नहीं है? क्या आगे किसी यात्री को ऐसा कष्ट न हो, इसके लिए एअर इंडिया प्रबंधन कदम उठाएगा या यात्रियों की जल्दी पहुंचने की मजबूरी का फायदा उठाता रहेगा।

विमानन मंत्री ने दिए थे जांच के निर्देश शिवराज सिंह की शिकायत के बाद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को मामले की जांच करने और तुरंत सुधारात्मक उपाय सुझाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद डीजीसीए ने मामले में एयरलाइन से रिपोर्ट मांगी।

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