वर्ल्ड अर्थ डे: धरती के रखवाले ये बॉलीवुड वाले, किसी को मिट्टी से मोहब्बत तो किसी को भाए कुदरत की सोहबत

दुनिया भर में 22 अप्रैल को वर्ल्ड अर्थ डे इसलिए मनाया जाता है कि जमीन, पर्यावरण सरंक्षण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जागरूकता फैलाई जा सके। ‘अवर पावर अवर प्लेनेट’ की थीम पर मनाए जाने वाले इस दिन पर जहां आम लोग पौधे लगाकर अपना योगदान देते हैं, वहीं बॉलिवुड के ऐसे कई जाने -माने सेलेब्स हैं, जो लगातार अपनी धरती और एनवायरमेंट से जुड़कर इन्हें अपनी छोटी-बड़ी कोशिशों से सींचने पर लगे हुए हैं। फार्मिंग, गार्डनिंग और खेतबाड़ी करने वाले सेलेब्स की फेहरिस्त अच्छी -खासी है, तो कई ऐसे स्टार्स भी हैं, जो इन मुद्दों पर जागरूकता फैलाने में लगे हैं। वर्ल्ड अर्थ डे के मौके पर हमने की पड़ताल।
धरती बचानी है, तो गांव और जंगल बचाना होगा
तरह -तरह की भूमिकाओं में लोकप्रियता पाने वाले पंकज त्रिपाठी अपने गांव प्रेम के लिए भी जाने जाते हैं। वे कहते हैं, ‘मुझे बहुत सुकून मिलता है गोपालगंज के अपने गांव बेलसंड जाकर। अपनी मिट्टी की खुशबू के बीच खुद को री-क्रिएट कर पाता हूं। कई बार जब वक्त की कमी के कारण गांव जाने का अवसर नहीं मिलता, तो अलीबाग में हमारा एक और घर है, तो मैं परिवार के साथ वहां चला जाता हूं। वहां समंदर किनारे जब मेरे पैरों पर लहरें आकर इठलाती -बलखाती हैं, तो वो अलग ही अनुभूति होती है। उस घर में मैंने कई पौधे भी लगाए हैं, जिसकी काट-छांट और देखभाल करने का अपना सुख है। गांव की उन्हीं यादों के चलते मैंने मड आइलैंड के अपने घर के आस-पास बागवानी और फार्मिंग करनी शुरू की है। हमारे घर में आपको गांव जैसा माहौल मिलेगा। हमने खूब सारे पेड़-पौधे लगाए है। पपीता, चीकू, टमाटर, कड़ीपत्ता, मिर्च, जैसे कई फलफूलों से लदा-फदा मिलेगा हमारा बगान। मुझे लगता है कि अगर हमें अपनी धरती बचानी है, तो अपना गांव और जंगल भी बचाना होगा। इसी मुद्दे पर मैंने शेरदिल फिल्म भी की थी।’
अपने टैरेस में उगी हुई सब्जियां खाता हूं
एक्टर-प्रड्यूसर जैकी भगनानी भी बॉलिवुड की उन हस्तियों में से हैं, जो अपने घर की उगाई सब्जियों का सेवन करके अपनी सेहत का तो ख्याल रखते हैं, मगर साथ ही ऑर्गेनिक चीजों के प्रति लोगों को जागरूक भी करते है। वे कहते हैं, ‘मैं अपनी हेल्थ और फिटनेस को लेकर शुरू से ही बहुत जागरूक रहा हूं। रकुल से पहले मेरी दोस्ती और बाद में प्यार का आधार भी यही वजह थी। मगर पूरी दुनियाभर में हम जो भी सब्जियां खा रहे हैं, उसमें बड़ी तादाद में पेस्टिसाइड और फर्टिलाइजर होता है। असल में किसानों पर भी अपनी फसल की उपज को बढ़ाने के लिए और कोई दूसरा पर्याय नहीं होता। इस चक्कर में मिट्टी बहुत ज्यादा दूषित होती जा रही, तो हम जो सब्जियां खा रहे हैं, वो हम नहीं जानते कि उसमें कितना केमिकल है और कितनी असली सब्जियां हैं? इसीलिए हमने कोशिश की है कि हम ज्यादा से ज्यादा सब्जियां अपने टेरेस पर उगाएं। यहां हम अपनी जरूरत की कुछ सब्जियां जरूर उगाते हैं। हमारी कोशिश यही कि हम जितना ऑर्गेनिक हो, उतना उगाएं और उसी का सेवन करें।’ जैकी ही क्यों इस मामले में और भी कई जाने-माने सुपर स्टार्स आगे हैं, जिनमें सलमान खान एक ऐसे स्टार हैं, जो पनवेल के अपने फार्म हाउस में हल चलाने का एक भी मौका जाने नहीं देते। ठीक उसी तरह से सिंहगढ़ फोर्ट के पास की जमीन में नाना पाटेकर शूटिंग न होने पर प्याज, लहसुन, चावल, मूंगफली की खेती में मगन रहते हैं। किसान परिवार से तालुक रखने वाले नवाजुद्दीन सिद्दीकी अपने होमटाउन बुलढाणा में फसलें उगाकर प्रकृति को सहेजते हैं, तो वहीं जैकी श्रॉफ भी खाली वक्त में फार्मिंग करके अपनी धरती का संचय करते हैं। साउथ एक्टर प्रकाश राज ने जहां एक केमिकल फ्री फार्म हाउस निर्मित किया, वहीं लोकप्रिय एक्टर राजेश कुमार ने भी अपना बहुत सारा वक्त खेती को समर्पित किया है।
लगभग डेढ़ लाख पौधे लगा चुकी हूं
वर्ल्ड अर्थ डे के मौके पर बॉलिवुड की जानी-मानी अभिनेत्री जूही चावला युगांडा में पौधे लगा रही हैं। युगांडा से उन्होंने हमसे बात की और बताया, ‘मुझे लगता है, अब जाकर मैं अपने जीवन का सबसे बढ़िया काम कर रही हूं और ये मैं अपने लिए और अपने बच्चों के लिए कर रही हूं। अगर हमारी आने वाली पीढ़ियां जीना चाहती हैं, तो हमें ये काम अभी से करना पड़ेगा। युगांडा में हमारी प्रॉपर्टी है। मेरे पति अपना बिजनेस संभालते हैं और मैं यहां केले और रतालू उगा रही हूं। मैं लोगों को किचन गार्डिंग सिखा रही हूं। खेती -बाड़ी से पर्यावरण की रक्षा तो हो ही रही है, साथ ही लोगों को पौष्टिक चीजें खाने को मिल रही हैं। टीम केआरके की पौधारोपण योजना तो चलती रहती है। आज मेरे पास रिसोर्सेज और इंफ्ल्युएंस सब कुछ है, तो मैं चाहे वो युगांडा हो या हमारा पर्यावरण और नदियों को बचाए रखने वाला अभियान ‘कावेरी कॉलिंग’, इसके तहत भी मैं अपने साथी सितारों, अपने बच्चों, पारिवारिक सदस्यों के नाम पर पेड़ डोनेट करती रहती हूं। करण जौहर के जन्मदिन पर मैंने उन्हें 500 पौधे गिफ्ट किए थे, तो बेटी जाह्नवी की सालगिरह पर मैंने 1000 पौधे लगाए थे। हमारी क्रिकेट टीम ने बैंबू के ब्रश और स्पीकर जैसे मर्चेंडाइस लॉन्च किए हैं, जो हर तरह से ऑर्गेनिक हैं। मुंबई के अपने घर में एरेका पाम, तुलसी, एलोविरा जैसे पौधे लगाए हैं और प्लास्टिक को तो मैंने अपने घर में हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है।’
प्लेनेट हमारा है, हमीं को इसकी रक्षा करनी होगी
वर्ल्ड अर्थ डे की बात हो, तो दीया मिर्जा, भूमि पेडनेकर, रवीना, टंडन, अनुष्का शर्मा, आलिया भट्ट के नाम के बिना ये लिस्ट अधूरी ही मानी जाएगी। पर्यावरण को लेकर जागरूकता फैलाने वालों की सूची में भूमि पेडनेकर का नाम सबसे ऊपर है। एक लंबे अरसे से वे क्लाइमेट वॉरियर नामक पहल से भी जुड़ीं हैं। भूमि की तरह दीया मिर्जा भी पर्यावरण के मुद्दों पर हमेशा जमीनी तौर पर जुड़ी रही हैं। उनका मानना है कि स्कूलों में पर्यावरण स्टडी कंपल्सरी होनी चाहिए। अपनी दमदार भूमिकाओं के लिए जानी जाने वाली रवीना टंडन हमेशा से एनवायरमेंट के प्रति जागरूकता फैला कर लोगों को कुदरत की तरफ मोड़ने का काम करती आई हैं। उनका कहना है, ‘यह प्लेनेट हमारा है और इसकी रक्षा भी हमीं कोई करनी होगी।’ प्रकृति और जीवन के बीच संतुलन की जागरूकता फैलाने में आलिया भट्ट ने एग्जिट नामक पहल की शुरुआत की। आमिर खान जहां निरंतर वाटर फाउंडेशन नामक अपनी संस्था के जरिए वाटरशेड प्रबंधन और सूखे की रोकथाम की दिशा में काम किया है, वहीं वे पर्यावरण सरंक्षण कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेते हैं। इस सूची में प्रियंका चोपड़ा और अक्षय कुमार के नाम भी शामिल हैं।





