बेतरतीब बाजार:न्यू मार्केट को जयपुर के आदर्श मार्केट जैसा बनाना था, 1 साल में दुकानें ही नहीं गिन पाए

न्यू मार्केट को भोपाल की पहचान और शान बनाने के लिए एक साल पहले इसे जयपुर के आदर्श मार्केट की तर्ज पर बनाने की योजना बनाई थी। इसे व्यवस्थित करने, हॉकर्स को मार्केट से बाहर करने , मार्केट को फिर से डिजाइन करने से लेकर उसके रंग और स्वरूप तक को तय किया गया था।

यह निर्णय एक साल पहले न्यू-मार्केट व्यापारी संरक्षण समिति की बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने दिए थे। जिला प्रशासन ने उसके बाद दुकानों का सर्वे शुरू किया, लेकिन आज तक दुकानों की गिनती तक नहीं हो पाई। इसके साथ ही सावन के मार्केट को भी स्मार्ट सिटी में ले जाने की योजना बनाई थी, लेकिन उस पर भी बात आगे नहीं बढ़ पाई।

अब हालात यह हैं कि पूरे मार्केट में हॉकर्स ही हॉकर्स हो गए हैं। ऐसे में ग्राहकों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। इधर सोमवार को कार्रवाई के दौरान व्यापारियों के निगम कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ विवाद हुआ और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने की शिकायत निगम कर्मचारियों ने टीटी नगर पुलिस से की है।

न्यू मार्केट को व्यवस्थित करने के लिए शुक्रवार शाम बैठक बुलाई गई थी। इसमें व्यापारियों ने बताया कि 2006 में इसे नो-व्हीकल एवं नो-हॉकर्स जोन घोषित किया गया था। यह अब तक नो व्हीकल जोन तो है, लेकिन नो-हॉकर्स जोन नहीं रहा। इसके कारण न्यू मार्केट में आम नागरिक का चलना-फिरना तक दूभर हो गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button