फार्महाउस में 16 घंटे बंधक बनाया, 50 हजार लेकर छोड़ा:भोपाल में ‘मछली परिवार’ के पीड़ित व्यक्ति का खुलासा

भोपाल के ड्रग तस्कर यासीन मछली के चाचा शारिक मछली का एक और पीड़ित सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि शारिक ने अगवा कर हथाईखेड़ा के फार्महाउस में 16 घंटे बंधक बनाया। बेरहमी से पीटा और छोड़ने के एवज में पचास हजार रुपए की फिरौती वसूली। पूरे मामले की शिकायत अशोका गार्डन थाने में की गई है।
15 दिन से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी शारिक पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप पुलिस पर लगाया गया है। पीड़ित राजेश तिवारी रेलवे के कर्मचारी रहे हैं। उनका आरोप है कि शारिक को एक मंत्री का संरक्षण था। जिसके चलते राजेश के खिलाफ रेप और हत्या के प्रयास के दो फर्जी केस दर्ज कराए गए। हत्या के प्रयास के मामले में फरियादी शारिक का करीबी है।
केस दर्ज होने के कारण उन्हें रेलवे की नौकरी से हाथ धोना पड़ा। राजेश का कहना है कि शारिक उनसे केवल इस वजह से नाराज था क्योंकि कॉलोनी में लगाई जाने वाली गणेश झांकी में शारिक और उसके करीबी मंत्री का पोस्टर या बैनर नहीं लगाया गया था।
दुकान तुड़वाई, कब्जे की कोशिश की राजेश तिवारी ने दैनिक भास्कर को बताया कि 2021 में शारिक मेरी झांकी पर आया था। जहां उसने दबाव बनाया कि झांकी में उसका और उसके करीबी मंत्री का बैनर लगाया जाए।
मैंने कहा- मैं धार्मिक कार्य में किसी राजनीतिक व्यक्ति का बैनर-पोस्टर नहीं लगाऊंगा। इसी बात को लेकर शारिक मछली मुझसे रंजिश रखने लगा। कुछ समय बाद शारिक ने अशोका गार्डन इलाके में बनी मेरी दुकान को अतिक्रमण बताकर तुड़वा दिया।
इस दुकान पर वह कब्जा करना चाहता था, लेकिन मैंने उस स्थान पर एक मंदिर बना दिया। 29 अक्टूबर 2021 को शारिक और उसके तीन साथियों ने लाल रंग की थार कार से रिवॉल्वर अड़ाकर अशोका गार्डन इलाके से मुझे किडनैप कर लिया।
वहां से चारों आरोपी मुझे हथाईखेड़ा के फार्महाउस पर ले गए। यहां मुझे करीब 16 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। बेल्ट और डंडों से पीटा गया। मेरे से जबरन ऑनलाइन 50 हजार रुपए वसूल लिए गए।
राजेश का दावा- पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की राजेश तिवारी ने दावा किया कि जब उन्हें फार्महाउस में बंधक रखा गया, तब वहां कुछ लड़कियां भी मौजूद थीं, जिन्हें अलग-अलग कमरों में बंद कर रखा गया था। उनके साथ भी दुराचार किया गया था। जब उन्हें छोड़ा गया, तो पुलिस ने उनकी शिकायत तक दर्ज नहीं की।
उन्होंने बताया- मेरी मौजूदगी में उस व्यक्ति को तत्कालीन टीआई ने बुलाया, जिसके मोबाइल पर शारिक ने पचास हजार रुपए की रकम ट्रांसफर की थी। उसने बयान दिया कि यह रकम तिवारी जी ने मुझे बकरा खरीदने के एवज में दी है। मैं पंडित आदमी हूं। ऐसा बयान देकर वह मेरे और मेरे परिवार की साख को खराब करना चाहता था। खास बात यह है कि पुलिस ने उसकी बात पर यकीन किया और बिना किसी कार्रवाई के उसे छोड़ दिया।
फार्महाउस में मिला था संदिग्ध एम्युनेशन बॉक्स पिछले दिनों मछली परिवार के पांच ठिकानों को पुलिस और प्रशासन की टीम ने ध्वस्त किया था। इस दौरान हथाईखेड़ा वाले फार्महाउस से पुलिस को एक अवैध राइफल और संदिग्ध बॉक्स मिला था।
सूत्रों के अनुसार, फार्म से मिला यह बॉक्स सेना का एम्युनेशन बॉक्स था, जिसका इस्तेमाल सेना और अर्धसैनिक बल करते हैं। इस बॉक्स को जांच के लिए लैब भेजा गया है।
अन्य अतिक्रमण की जानकारी जुटा रही टीम शारिक मछली और उसके परिवार ने हथाईखेड़ा और आसपास के इलाके में करीब तीन सौ एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा किया था। इस अवैध कब्जे में से करीब सौ एकड़ जमीन को पुलिस और प्रशासन की टीम मुक्त करा चुकी है। शेष अवैध कब्जे की जांच चल रही है, जिसके बाद और भी जमीन मुक्त कराई जा सकती है।





