अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त अधोसंरचनाओं के पुनर्निर्माण को सुनिश्चित करें : कमिश्नर डोमन सिंह

जगदलपुर। कमिश्नर डोमन सिंह ने कहा कि बस्तर संभाग के अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त अधोसंरचनाओं स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र सहित विद्युत लाईन, नल जल योजनाओं-हैंडपंप और सड़क एवं पुल-पुलिया का पुनर्निर्माण शीघ्र सुनिश्चित करें। इस दिशा में बंद सड़कों को प्राथमिकता देकर आवागमन बहाल करने हेतु जल्द पहल किया जाए। साथ ही अविद्युतीकृत स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों के विद्युतीकरण को प्राथमिकता दी जाए। 

वहीं दूरस्थ ईलाके के आंगनबाड़ी केंद्रों पर समेकित बाल विकास सेवाओं की उपलब्धता हेतु रिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी सहायिकाओं के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करें। उक्त निर्देश कमिश्नर ने बुधवार को कमिश्नर कार्यालय में संभागीय अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग उपकरण प्रदाय करने के लिए प्रत्येक जिले में चिन्हांकन शिविर आयोजित करने सहित दिव्यांगजनों को जरूरत के अनुरूप कृत्रिम अंग उपकरण उपलब्ध करवाए जाने संवेदनशीलता के साथ पहल किए जाने के निर्देश दिए।

कमिश्नर ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत महोत्सव आयोजन में सभी विभागों को सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने कहा और रजत महोत्सव के लोगो का पत्राचार एवं अन्य प्रचार-प्रसार में उपयोग किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी विभागों के मैदानी अमले के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए प्रस्ताव शासन को भेजने कहा। कमिश्नर ने संभाग के अंतर्गत हर घर जल प्रमाणीकरण कार्य में अद्यतन प्रगति लाने पर बल देते हुए जल जीवन मिशन के कार्यों को तेजी के साथ संचालित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय योजनाओं को सेचुरेशन की स्थिति में लाने पर जोर देते हुए कहा कि चयनित योजनाओं के अंतर्गत पात्र सभी लोगों को लाभान्वित किए जाने पर ध्यान केन्द्रित करें। निर्धारित लक्ष्य के आधार पर योजना क्रियान्वयन को वरीयता दी जाए। 

कमिश्नर ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन के ओडीएफ प्लस मॉडल, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, लखपति महिला पहल, प्रधानमंत्री आवास योजना के लक्ष्य के अनुरूप पंजीयन एवं आवास निर्माण, जियो टेगिंग के कार्य, ठोस तथा तरल अपशिष्ट प्रबंधन अंतर्गत कार्यों की प्रगति की समीक्षा किए। उन्होंने लक्ष्य को ध्यान रखकर तय समयावधि में कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही वनाधिकार पट्टों के नामांतरण-बंटवारा प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निराकृत किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दिशा में मैदानी अमले के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कर सम्बन्धित वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालयों में सम्बन्धित ग्रामीणों से आवेदन प्राप्त करने के लिए व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।

लंबित पेंशन प्रकरणों को जल्द करें निराकरण

कमिश्नर ने सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के लंबित पेंशन प्रकरणों को संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने के लिए जोर देते हुए कहा कि हर अधिकारी एवं कर्मचारी को भविष्य में सेवानिवृत्त होना ही है अतएव अपने विभागीय परिवार के इन सेवानिवृत्त सदस्यों के पेंशन मामलों के निराकरण को सर्वोच्च वरीयता देवें। उन्होंने प्रकरणों की अधिकता को मद्देनजर रखते हुए संभागीय एवं जिला स्तर पर पेंशन निराकरण शिविर आयोजित कर जल्द से जल्द लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।

न्यौता भोज आयोजन के लिए डीईओ कांकेर हुए सम्मानित  :

कमिश्नर ने स्कूलों में जनसहयोग से न्यौता भोज आयोजन करने पर जोर देते हुए कहा कि जन्मदिन या कोई विशेष अवसर पर न्यौता भोज के लिए स्वेच्छा से सहायता प्रदान करने अधिकारियों-कर्मचारियों सहित पंचायत पदाधिकारी और नागरिकों को प्रोत्साहित करें। उन्होंने संभाग स्तरीय अधिकारियों को भी अपने सहयोग से न्यौता भोज करवाने कहा। बैठक के दौरान वर्तमान सत्र में कांकेर जिले के सभी स्कूलों में एक बार न्यौता भोज आयोजन करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कांकेर श्री आरके निषाद को शॉल-श्रीफल एवं प्रमाण पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। साथ ही नारायणपुर जिले के 90 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में एक बार न्यौता भोज आयोजन करने के लिए जिले के अधिकारियों एवं शिक्षकों के पहल को सराहा गया। वहीं अन्य जिलों के शत-प्रतिशत स्कूलों में जनसहभागिता से न्यौता भोज का आयोजन किए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

कमिश्नर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा दौरान आयुष्मान कार्ड प्रदाय पंजीयन में जिलों के अंदरूनी इलाकों में शिविर लगाकर ग्रामीणों के कार्ड निर्माण को गति देने कहा। इसके अलावा आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालन तथा स्वास्थ्य शिविर, सिकलसेल स्क्रीनिंग की प्रगति, चिरायु योजना की प्रगति, पोषण पुनर्वास केंद्र के संचालन, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में चिंहाकन व उपचार की स्थिति और मोतियाबिंद जांच की स्थिति, क्षय रोग उन्मूलन इत्यादि की समीक्षा की गई। बैठक में अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण, विद्युतीकरण, कृषि पम्पों का ऊर्जीकरण,उचित मूल्य दुकान निर्माण, आंगनबाड़ी केन्द्र भवन निर्माण प्रगति इत्यादि की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान डिप्टी कमिश्नर श्री बीएस सिदार सहित कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण, विद्युत वितरण कम्पनी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, उद्योग, कोष-लेखा एवं पेंशन, वन इत्यादि विभागों के संभाग स्तरीय अधिकारी और अन्य विभागों के नोडल अधिकारी मौजूद रहे।

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