भोपाल कलेक्टोरेट में महिला का हंगामा, अफसरों ने समझाया:कलेक्टर ने मीटिंग रोक महिला की बात सुनी; पुलिस कमिश्नर के पास भेजा

भोपाल कलेक्टोरेट में सोमवार को समयावधि यानी, टीएल मीटिंग हुई। इसमें कई मुद्दों पर बात की गई। इसी दौरान अपनी समस्या लेकर पहुंची एक महिला हंगामा करने लगी। जिस पर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बैठक रोकी और महिला की समस्या सुनी। इसके बाद उसे पुलिस कमिश्नर के पास भेजा।
जानकारी के अनुसार, शोभना सिंह नामक महिला ने हंगामा किया। वह मकान विवाद सहित अन्य शिकायतों का निराकरण कराने के लिए पहुंची थी। जनसुनवाई में उसने शिकायत की थी। इस पर महिला की राजस्व से जुड़ी शिकायतों पर तो सुनवाई कर दी गई, लेकिन थाने से जुड़े मामले पुलिस विभाग को हस्तांतरित कर दिए जाते। जिसके चलते महिला नाराज थी। इसके चलते सोमवार को वह अपनी 13 साल की बेटी के साथ कलेक्टोरेट पहुंची थी। कलेक्टोरेट के बाहर ही वह अशब्द कहने लगी। जिसे रोका तो हंगामा कर दिया।
पराली जलाने पर होगी कार्रवाई इधर, बैठक में कलेक्टर सिंह ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को खरीफ की फसल कटने के बाद पराली नहीं जलाने के लिए जागरूक करें। किसी भी खेत में पराली जलाने की शिकायत आई तो संबंधित एसडीएम, तहसीलदार, पटवारियों की जवाबदेही रहेगी। सख्त कार्रवाई करने से भी परहेज नहीं करूंगा।
कलेक्टर ने अक्टूबर माह में संभावित एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को लेकर सभी एसडीएम को तैयारियां करने के निर्देश भी दिए हैं। बीएलओ को विधानसभा स्तर पर संपूर्ण प्रशिक्षण देने के लिए एसडीएम बैठकें करें। यदि कोई लापरवाही करेगा तो वो सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहे। बैठक में एडीएम अंकुर मेश्राम, पीसी शाक्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर सिंह ने अअधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन, समाधान ऑनलाइन और सीएम डेशबोर्ड पर लंबित शिकायतों को तत्काल निराकरण करें। जिले के नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन से जुड़े राजस्व प्रकरणों का निराकरण सात दिन के भीतर करके मुझे रिपोर्ट दें। इसके अलावा धारणाधिकार, भूमि आवंटन और अन्य राजस्व संबंधी प्रकरणों को एसडीएम स्वयं तय समय सीमा में मॉनिटरिंग करके निपटाएं। तहसीलदार कोर्ट प्रकरणों का समय रहते निराकरण करें। साथ ही नामांतरण, बंटवारा, समग्र ई-केवाईसी, फॉर्मर रजिस्ट्री और प्रधानमंत्री किसान योजना की ई-केवाईसी से जुड़े कार्यों की रफ्तार बढ़ाई जाए।





