1971 के बाद पहली बार बांग्लादेश पहुंचा अमेरिकी युद्धपोत, चटगांव में डाला डेरा, म्यांमार में कुछ बड़ा करने की तैयारी तो नहीं?

ढाका: अमेरिकी नौसेना का गाइडेड मिसाइल विध्वंसक पोत जहाज यूएसएस फिट्जगेराल्ड बुधवार को पहली बार बांग्लादेश पहुंचा। यह 1971 के बाद किसी अमेरिकी युद्धपोत का पहला बांग्लादेश दौरा भी है। यह युद्धपोत अगले तीन दिनों तक चटगांव बंदरगाह में मौजूद रहेगा। इस दौरान इस युद्धपोत का बांग्लादेशी नौसेना के साथ युद्धाभ्यास करने का भी कार्यक्रम है। हालांकि, अमेरिकी युद्धपोत के चटगांव में डॉकिंग से म्यांमार को लेकर भी कई तरह की शंकाएं जताई जा रही हैं। हाल में ही बांग्लादेश की सीमा पर म्यांमारी सेना और विद्रोहियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी।

बांग्लादेशी सेना की मीडिया विंग इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशन ने बुधवार को जारी एक बयान में बताया कि यूएसएस फिट्जगेराल्ड के आगमन पर बांग्लादेशी नौसेना के जहाज बनोज़ा अबू उबैदा ने आगंतुक जहाज का स्वागत किया। नौसेना अधिकारियों ने आगंतुक जहाज के अधिकारियों के साथ अभिवादन और शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया। इस यात्रा के माध्यम से, दोनों देशों की नौसेनाओं के सदस्यों को पेशेवर ज्ञान, अनुभव और कौशल का आदान-प्रदान करने का अवसर मिलेगा।

327 अधिकारियों के साथ बांग्लादेश पहुंचा अमेरिकी युद्धपोत

चटगांव नौसेना क्षेत्र के कमांडर ने 3 अक्टूबर को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर बताया था, 154 मीटर लंबा, 20.2 मीटर चौड़ा और 9,246 टन वज़नी अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस फिट्जगेराल्ड कुल 327 अधिकारियों और नाविकों सहित चालक दल के सदस्यों को ले जाएगा। यूएसएस फिट्जगेराल्ड की यात्रा के दौरान बांग्लादेशी नौसेना के कैप्टन ए एन एम इश्तियाक जहां फारूक मुख्य समन्वय अधिकारी होंगे। यह अमेरिकी नौसेना के सबसे पुराने युद्धपोतों में से एक है और 30 वर्षों से सक्रिय सेवा में। इस अमेरिकी विध्वंसक का गृह बंदरगाह सैन डिएगो है

चटगांव के पास अमेरिका-बांग्लादेश करेंगे युद्धाभ्यास

नॉर्थईस्ट न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष जुलाई में अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान बांग्लादेश नौसेना प्रमुख एडमिरल मोहम्मद नजमुल हसन ने अमेरिकी नौसेना को अपने देश आने का आमंत्रण दिया था। चटगाँव बंदरगाह प्राधिकरण (सीपीए) के दस्तावेज़ों से पता चलता है कि बंगाल की खाड़ी में सभी नाविकों को यूएसएस फिट्ज़गेराल्ड और बांग्लादेश नौसेना के बीच होने वाले विशेष अभ्यास के बारे में सूचित कर दिया गया है। यह अभ्यास प्रतिदिन (8 से 10 अक्टूबर तक) 00:01 से 24:00 बजे LT पर 21°50.00’N-091°34.50’E, 21°50.00’N-091°44.50’E, 21°39.50’N-091°44.50’E और 21°39.50’N-091°34.50’E से घिरे क्षेत्र में शुरू होगा

म्यांमार पर गड़ी है अमेरिका की नजर

अमेरिका इन दिनों म्यांमार पर कड़ी नजर बनाए हुए है। उसे म्यांमार में दुर्लभ पृथ्वी तत्वों का खजाना दिख रहा है, जिसका दोहन चीन कर रहा है। यह देश गृह युद्ध में भी फंसा है, जिस कारण अमेरिका चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहा है। इस कारण अमेरिका ने बांग्लादेश के रास्ते म्यांमार को साधने की रणनीति बनाई है। माना जा रहा है कि बांग्लादेश की एक अलोकतांत्रिक सरकार के साथ अमेरिका की नजदीकियां इसी रणनीति का हिस्सा हैं।

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