‘भारत ने ईरान संकट के बीच निभाई दोस्ती’, जयशंकर के दौरे से पर बोले UAE के मंत्री, तेहरान को होर्मुज पर चेताया

दुबई: संयुक्त अरब अमीरात के विदेश राज्य मंत्री शेख शखबूत बिन नाहयान अल नाहयान ने एस. जयशंकर के हालिया अबू धाबी दौरे को खास बताया है। जयशंकर के दो दिन के यूएई के दौरे पर उन्होंने कहा कि यह पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दोनों देशों के करीबी तालमेल को दिखाता है। भारत और यूएई के हिंद महासागर में साझा हितों पर उन्होंने जोर दिया। साथ ही ईरान युद्ध से बनी स्थिति और खासतौर से होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने पर उन्होंने चिंता जताई है।
शेख शखबूत बिन नाहयान ने विऑन के साथ इंटरव्यू में कई मुद्दों पर बात की है। उन्होंने कहा कि यूएई और भारत एक बड़ी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप शेयर करते हैं, जो हिंद महासागर और अफ्रीका पर फोकस हो रही है। इसमें समुद्री सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग पर मजबूत तालमेल है। उन्होंने जयशंकर यूएई दौरे को बेहद महत्वपूर्ण बताया है।
‘ईरान ने सप्लाई चेन तोड़ी’
शेख शखबूत का कहना है, ‘भारत ग्लोबल कोशिशों को सपोर्ट करने और होर्मुज स्ट्रेट जैसे समुद्री कॉरिडोर को खुला रखने में अहम भूमिका निभाता है। इस समय की प्राथमिकता यह पक्का करना है कि होर्मुज बिना किसी रुकावट के खुला रहे। यह कॉरिडोर किसी एक देश (ईरान) का नहीं है। ईरान की ओर से बिना उकसावे के खाड़ी देशों पर हमलों ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट और सप्लाई चेन को प्रभावित किया है।’
‘भारत से यूएई का रिश्ता अहम’
हिंद महासागर और अफ्रीका में भारत के साथ रिश्ते पर शेख शखबूत बिन नाहयान अल नाहयान ने कहा, ‘यूएई और भारत के बीच एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी है, जिसका फोकस हिंद महासागर और अफ्रीका पर ज्यादा है। इसमें समुद्री सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग पर दोनों देशों के विचार पूरी तरह से मेल खाते हैं।’
शखबूत ने कहा कि यूएई और भारत के बीच हालिया समय में लगातार उच्च-स्तरीय संपर्क हुआ है। इसमें राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की कुछ समय पहले हुई भारत यात्रा शामिल है। इसके अलावा हाल ही में डॉक्टर सुब्रह्मण्यम जयशंकर के दौरे ने भी दोनों देशों के संबंधों को और बेहतर किया है।
जयशंकर का यूएई दौरा
विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात का दो दिन का आधिकारिक दौरा किया है। जयशंकर शनिवार रात को अपने दो दिनी दौरे पर यूएई पहुंचे थे। उन्होंने इस दौरान यूएई नेतृत्व के साथ उच्च स्तरीय मुलाकात की। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा हुई।





