बांग्लादेश की सेना में बड़ा फेरबदल, तारिक रहमान ने मजबूत की आर्मी पर पकड़, यूनुस के करीबियों की छुट्टी

ढाका: बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के जाने के बाद देश की सेना में बड़े बदलाव शुरू हो गए हैं। इन बदलावों का मकसद तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार को मजबूती और स्थिरता प्रदान करना है। सूत्रों का कहना है कि सेना में बड़े फेरबदल के तहत बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (BNP) के करीबी माने जाने वाले जनरलों ने अहम भूमिकाएं संभाली हैं। माना जा रहा है कि इस कदम से बांग्लादेश की सेना पर तारिक रहमान का असर मजबूत होगा। इसके साथ ही मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार से जुड़े अधिकारियों को किनारे किया जाने लगा है।
बांग्लादेश के अखबार प्रथम आलो की वेबसाइट के अनुसार, सेना में टॉप लेवल पर कई जरूरी पोस्ट में फेरबदल किया गया है। सबसे अहम नियुक्ति आर्मी हेडक्वार्टर में चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (CGS) के तौर पर है। लेफ्टिनेंट जनरल एमडी मैनुर रहमान को इस पद पर लाया गया है। वे इसके पहले आर्मी ट्रेनिंग एंड डॉक्ट्रिन कमांड में थे।
यूनुस के करीबी जनरल की छुट्टी
मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में आर्म्ड फोर्सेज डिवीजन (AFD) के प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे लेफ्टिनेंट जनरल एसएम कमरुल हसन की छुट्टी कर दी गई है। उन्होंने AFD से हटाकर विदेश मंत्रालय में एंबेसडर बना दिया गया है। यूनुस शासन के दौरान कमरुल हसन पाकिस्तान का दौरा करने वाले पहले टॉप अधिकारी थे। हसन की जगह 24 इंफेंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिस कमांडिंग (GOC) मेजर जनरल मीर मुशफिकुर रहमान को लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर प्रमोट करके आर्म्ड फोर्सेज डिवीजन का प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर बनाया गया है। मुशफिकुर रहमान को BNP का करीबी माना जाता है।
भारत में तैनात जनरल को वापस बुलाया
भारत में बांग्लादेश दूतावास में तैनात डिफेंस एडवाइजर ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद हफीजुर रहमान को वापस बुला लिया गया है। उन्हें मेजर जनरल के पद पर पदोन्नति देकर 55 इन्फेंट्री डिवीजन का जीओसी बनाया गया है। 55 इन्फेंट्री डिवीजन के मेजर जनरल जेएम इमदादुल इस्लाम को ईस्ट बंगाल रेजिमेंट सेंटर EBRC) का कमांडेट बनाया गया है। वहीं, EBRC में तैनात मेजर जनरल फिरदौस मलिक को 24 इन्फेंट्री डिवीजन का GOC बनाया गया है।
आर्मी इंटेलिजेंस में अहम बदलाव
इसके अलावा आर्मी इंटेलिजेंस विंग में भी एक बड़ा अहम बदलाव हुआ है। प्रथम आलो की रिपोर्ट के अनुसार, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ डिफेंस इंटेलिजेंस (DGFI) के महानिदेशक (DG) मोहम्मद जहांगीर आलम को विदेश मंत्रालय में भेजा गया है। उनकी जगह पर ब्रिगेडियर जनरल कैसर राशिद चौधरी को मेजर जनरल के पद पर प्रमोट करके DGFI का डीजी बनाया गया है। यह मिलिट्री इंटेलिजेंस को ठीक करने और अंदरूनी खतरों पर ध्यान देने की कोशिश का संकेत है।





