8 लाख किशोरियों को HPV टीका देने का लक्ष्य:अब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के सहारे बढ़ाएंगे रफ्तार

भोपाल, राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत भोपाल में सर्वाइकल कैंसर से बचाव की मुहिम ने रफ्तार पकड़ ली है। अब तक जिले में 200 किशोरियों को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) की वैक्सीन लगाई जा चुकी है। लक्ष्य बड़ा है क्योंकि मध्यप्रदेश में 90 दिनों के भीतर 14 वर्षीय 8 लाख बालिकाओं को टीका लगाना।

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) अब सोशल मीडिया का सहारा लेने जा रहा है। 5 मार्च 2026 को एनएचएम कार्यालय में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मीट आयोजित की जा रही है, ताकि जागरूकता बढ़ाकर अधिक से अधिक किशोरियों तक वैक्सीन पहुंचाई जा सके।

अधिकारियों का मानना है कि युवाओं और अभिभावकों तक सही और वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाने में सोशल मीडिया प्रभावी माध्यम साबित हो सकता है। इस पहल का उद्देश्य वैक्सीन से जुड़े मिथकों को दूर करना और अधिकतम पंजीकरण सुनिश्चित करना है।

8 लाख किशोरियों को कवर करने का लक्ष्य

प्रदेश में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की करीब 8 लाख किशोरियों को HPV टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 3 माह यानी 90 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। पहले चरण में 5.8 लाख डोज जिलों को भेजी जा चुकी हैं।

टीकाकरण स्कूलों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में किया जाएगा। भोपाल जिले में यह सुविधा 18 केंद्रों पर उपलब्ध है, जिनमें एम्स भोपाल, जिला अस्पताल और अन्य शासकीय स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं।

गार्डासिल-4 की सिंगल डोज लगा रहे

अभियान के तहत गार्डासिल-4 (क्वाड्रीवेलेंट एचपीवी वैक्सीन) की सिंगल डोज दी जा रही है। यह वैक्सीन एचपीवी टाइप 16 और 18 से सुरक्षा प्रदान करती है, जो सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारण माने जाते हैं। साथ ही यह टाइप 6 और 11 से भी बचाव करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, 9 से 14 वर्ष की आयु में टीका लगने पर भविष्य में सर्वाइकल कैंसर का खतरा 80 से 85 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।

हर साल 1.25 लाख महिलाएं होती हैं इस कैंसर से प्रभावित

भारत में हर वर्ष करीब 1.25 लाख महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से प्रभावित होती हैं और लगभग 75 हजार महिलाओं की मृत्यु हो जाती है। यह बीमारी धीरे-धीरे विकसित होती है और शुरुआती चरण में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि किशोरावस्था में वैक्सीनेशन ही इस गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी और सुरक्षित तरीका है।

सीएमएचओ ने कहा- वैक्सीन सुरक्षित

सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और दुनिया भर में लाखों बालिकाओं को दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि यह अभियान प्रिवेंटिव हेल्थ केयर को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण कराएं और किसी भी भ्रम में न आएं।

ऐसे करा सकते हैं पंजीकरण

अभिभावक यू-विन डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्लॉट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर भी टीकाकरण कराया जा सकता है। टीकाकरण के समय उम्र का प्रमाण, मोबाइल नंबर और अभिभावक की सहमति आवश्यक होगी। गुरुवार से अभियान के तहत नियमित रूप से टीकाकरण शुरू कर दिया गया है। रविवार और घोषित अवकाश के दिनों को छोड़कर अन्य सभी दिनों में वैक्सीनेशन किया जाएगा।

त्योहार पर भी लगा था विशेष सत्र

अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाल ही में त्योहार और अवकाश के दिन भी विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किया गया था। इस सत्र में करीब 30 किशोरियों ने स्वयं पंजीकरण (सेल्फ रजिस्ट्रेशन) कर टीका लगवाया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब अभिभावकों और किशोरियों में जागरूकता बढ़ रही है। यही वजह है कि अवकाश के दिन भी केंद्रों पर पहुंचकर टीकाकरण कराया गया।

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