नीदरलैंड की एविएशन कंपनी KLM रॉयल डच एयरलाइन के CEO और COO के खिलाफ भारत में FIR का आदेश

बेंगलुरु: परिवार के सदस्यों के साथ इकट्ठे छुट्टी मनाना बेहद खुशी और मस्ती का पल होता है। लेकिन सपरिवार छुट्टी मनाने का कार्यक्रम किसी साउथ अमेरिकी देश में हो तो मजा दूना हो जाता है। एक व्यक्ति ने इसी तरह का कार्यक्रम बनाया था। पूरी बुकिंग हो गई थी। परिवार के साथ वह एयरपोर्ट पहुंच गए थे। लेकिन एयरलाइन ने पूरे परिवार को फ्लाइट में बैठने नहीं दिया। यही नहीं, पूरे परिवार को रेड फ्लैग्ड (Red Flagged) भी कर दिया जिससे बाद के विदेश भ्रमण में सभी को काफी दिक्कत हुई। वह कोर्ट पहुंच गए और कोर्ट की तरफ से जो आदेश आया, उससे एविएशन कंपनी की चिंता बढ़ेगी।

क्या है मामला

तमिलनाडु में सलेम में एक मेडिकल इंस्टीच्यूशन के चेयरमैन हैं जे. एस. सतीशकुमार। उन्होंने अपने और अपने परिवार के 7 सदस्यों (Extended family) के लिए दक्षिण अमेरिकी देश पेरु (Peru) में सैर-सपाटे का कार्यक्रम बनाया था। वहां जाने के लिए उन्होंने बेंगलुरु से पेरु के लिए KLM की फ्लाइट में 19 जून 2024 का बिजनेस क्लास का 8 टिकट लिया था। ये टिकट नॉन-रिफंडेबल (Non-refundable business-class tickets) थे। वह नियत दिन समय से बहुत पहले एयरपोर्ट पहुंच गए ताकि इंटरनेशनल ट्रैवल से पहले हवाई अड्डे पर पूरी की जाने वाली औपचारिकता आराम से पूरी कर सकें। लेकिन केएलएम ने बेंगलुरु एयरपोर्ट पर अंतिम मिनट में उन्हें विमान में घुसने नहीं (Denied boarding) दिया।

₹49 लाख में खरीदा था पूरे परिवार का रिटर्न टिकट

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक सतीशकुमार ने खुद और परिवार के सात सदस्यों के लिए बेंगलुरु से पेरु तक का बिजनेस क्लास में रिटर्न टिकट लिया था। आठ टिकटों के लिए उन्होंने 49 लाख रुपये का भुगतान किया था। उनका जाने का टिकट 19 जून 2024 का था जबकि लौटने का 3 जुलाई 2024 का था। सारे टिकट नॉन रिफंडेबल थे, इसलिए उन्हें कोई रिफंड भी नहीं मिला।

रेड-फ्लैग भी कर दिया

यह मामला सिर्फ डिनाइंग बोर्डिंग तक ही सीमित नहीं रहा। शिकायती के अनुसार जब उन्होंने कहा कि इस एयरलाइन के इस कृत्य पर वह लीगल एक्शन लेंगे, तो एयरलाइन ने उन सबको रेड-फ्लैग्ड (Red-flagged) भी कर दिया। इस वजह से उनके परिवार के सदस्यों को अगली विदेश यात्रा में काफी परेशानी हुई। सतीशकुमार ने बताया कि बाद की एक यात्रा के दौरान उनके बेटे को सिंगापुर एयरपोर्ट पर रोक लिया गया और पूछा गया कि उन्हें पेरु से क्यों डिपोर्ट किया गया था। जबकि वह तो कभी पेरु गए ही नहीं। इसी तरह वह ऑस्ट्रेलिया गए थे तो उनसे भी इसी तरह का सवाल-जवाब किया गया।

कोर्ट ने दिया यह आदेश

एयरपोर्ट पर हुई इस घटना से आहत सतीशकुमार ने देवनहल्ली के सिविल जज और ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के यहां अर्जी दी। दरअसल, बेंगलुरु का केम्पगौड़ा एयरपोर्ट का इसी मजिस्ट्रेट के न्यायाधिकार क्षेत्र में पड़ता है। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की इस रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने पुलिस को केएलएम डच एयरलाइन्स के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।

क्या कहना है एयरलाइन का

रिपोर्ट के अनुसार केएलएम रॉयल डच एयरलाइंस ने कहा है कि यह सभी यात्रा और आव्रजन नियमों (Travel and immigration regulations) का पालन करने के लिए बाध्य है। एयरलाइन ने जोर दिया कि यात्रियों को प्रस्थान से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे वैध और सही यात्रा दस्तावेज अपने साथ ले जा रहे हैं। केएलएम ने कहा है कि उन्हें कुछ यात्रियों द्वारा अनुभव की गई असुविधा के लिए खेद है।

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