फुटहामुड़ा नहर परियोजना से बदलेगी कुकरेल क्षेत्र की सिंचाई तस्वीरः कलेक्टर

धमतरी। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सोमवार को फुटहामुड़ा नहर से प्रभावित ग्राम माकरदोना, मोहलई, पथर्रीडीह, छुही एवं साल्हेभाट के कृषकों की बैठक लेकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान लाभान्वित कृषक भी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि यह परियोजना पूर्ण होने पर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण किया जाए तथा प्रभावित कृषकों के लंबित मुआवजा प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन हेमलाल कुरेशिया, ने जानकारी दी कि नगरी विकासखण्ड में सिलयारी डायवर्सन वियर एवं फुटहामुड़ा नहर निर्माण हेतु प्रारंभिक स्वीकृति 17.56 करोड़ रुपये की थी, जिसे विभिन्न कारणों से संशोधित करते हुए वर्तमान में 73.94 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है। परियोजना से 1940 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित होगी, जिससे कुकरेल क्षेत्र के 22 ग्राम सीधे लाभान्वित होंगे।
उन्होंने बताया कि मुख्य नहर की कुल लंबाई 19.74 किलोमीटर तथा लघु नहरों की लंबाई 18.61 किलोमीटर है। वर्तमान में नहर निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसमें 750 मीटर से 9330 मीटर तक के हिस्से में लगभग 20 प्रतिशत तथा 9330 मीटर से 19740 मीटर तक के हिस्से में लगभग 15 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। परियोजना के अंतर्गत विभिन्न संरचनाओं का निर्माण एवं नहर लाइनिंग कार्य निर्धारित समय-सीमा 4 मार्च 2027 तक पूर्ण किया जाएगा।
बैठक में कृषकों ने मुआवजा भुगतान में विलंब, भूमि अधिग्रहण से संबंधित समस्याएं एवं निर्माण कार्य के दौरान आने वाली कठिनाइयों को प्रमुखता से रखा। कलेक्टर मिश्रा ने सभी मुद्दों पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसानों के हितों की रक्षा करते हुए परियोजना को शीघ्र पूर्ण किया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि यह योजना क्षेत्र के कृषि विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के माध्यम से किसानों को स्थायी लाभ मिलेगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने तथा शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता के साथ कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।





