प्रेट्र, नई दिल्ली। ग्रामीण भारत में हाई ब्लड प्रेशर यानी हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। एक नए शोध में सामने आया है कि ग्रामीण आबादी में हर तीन में से लगभग एक वयस्क इस बीमारी से पीड़ित है, लेकिन ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी तक नहीं है। चिंताजनक बात यह है कि हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित पांच में से एक से भी कम लोगों को पता है कि वे इस बीमारी की चपेट में हैं।
शोध के मुताबिक, हाई ब्लड प्रेशर हृदय संबंधी बीमारियों, जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का प्रमुख कारण है। इसे उच्च रक्तचाप तब माना जाता है, जब सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 140 एमएमएचजी या इससे अधिक अथवा डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर 90 एमएमएचजी या इससे अधिक हो।
हालांकि, इस बीमारी के इलाज के लिए प्रभावी दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोग समय पर इसकी पहचान और सही इलाज से वंचित रह जाते हैं।
25 प्रतिशत लोग बीमारी से अनजान
यह शोध टाटा मेमोरियल सेंटर (टीएमसी), मुंबई के सेंटर फार कैंसर एपिडेमियोलाजी के शोधकर्ताओं ने किया है। इसमें 30 से 69 वर्ष की उम्र के करीब 40 हजार लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।
ये लोग महाराष्ट्र के बार्शी में 2015 से 2020 के बीच हुए इंडियन स्टडी आफ हेल्दी एजिंग (आइएसएचए) में शामिल हुए थे। शोध के दौरान प्रतिभागियों का ब्लड प्रेशर मापा गया और उनसे पहले बीमारी का पता चलने तथा दवाएं लेने के बारे में जानकारी जुटाई गई। शोध में पाया गया कि कुल 31 प्रतिशत प्रतिभागियों को हाई ब्लड प्रेशर था। इनमें छह प्रतिशत ऐसे लोग थे, जिन्हें पहले से बीमारी का पता था, जबकि 25 प्रतिशत लोग इससे अनजान थे।
उम्र बढ़ने के साथ ब्लड प्रेशर के मामले भी बढ़े
उम्र बढ़ने के साथ हाई ब्लड प्रेशर के मामले भी बढ़ते देखे गए। उम्र और लिंग के प्रभाव को ध्यान में रखने के बाद भी अधिक शिक्षित लोगों में इसका प्रसार ज्यादा पाया गया। पहले से हृदय संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों में आधे यानी 50 प्रतिशत को हाई ब्लड प्रेशर था।
इस बीमारी से पीड़ित पुरुषों में केवल 14 प्रतिशत और महिलाओं में 21 प्रतिशत को पहले से इसकी जानकारी थी। जिनको बीमारी का पता था, उनमें 73 प्रतिशत ब्लड प्रेशर कम करने वाली दवाएं ले रहे थे। इलाज करा रहे लोगों में भी केवल 39 प्रतिशत का ही ब्लड प्रेशर नियंत्रित मिला। स्पष्ट है कि दवाएं लेने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग हृदय की बीमारियों के खतरे से बाहर नहीं हैं।
शोध की सह-लेखक शरयू म्हात्रे ने कहा कि ये नतीजे नियमित जांच, समय पर इलाज और लंबे समय तक फालोअप की जरूरत को दर्शाते हैं। वहीं, टीएमसी के एडवांस्ड सेंटर फार ट्रीटमेंट, रिसर्च एंड एजुकेशन इन कैंसर के निदेशक पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हाई ब्लड प्रेशर की जांच और नियंत्रण बेहद जरूरी है। इससे हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी की पुरानी बीमारियों से होने वाली मौतों को कम करने में मदद मिल सकती है।