आशा भोसले को यादकर कलप कर रोईं अरुणा ईरानी, कहा- लता दीदी ने जो गाने छोड़े, उन्‍हें गाकर पहचान बनाई

लेजेंड्री प्लेबैक सिंगर आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रही। 12 अप्रैल, 2026 को 92 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका निधन हो गया। उन्हें खोने का दर्द यूं तो हर कोई महसूस कर रहा है लेकिन उनलोगों के लिए ये पीड़ा असहनीय हो रही जिन्होंने उनके साथ करीब से वक्त बिताया, जो उन्हें अंदर तक जानते थे। ऐसा ही एक नाम अरुणा ईरानी का है, जो आशा भोसले और उनके दुखों को याद करते हुए कलप कर रो पड़ीं।

अरुणा ईरानी ने ईटाइम्स से उनके बारे में बहुत ही भारी मन से बातें कीं। आशा भोसले के गुजर जाने से दुखी अरुणा ने हिम्मत जुटाकर बहुत ही भावुक करने वाली कुछ बातें बताईं।

अरुणा ईरानी बोलीं- पर्सनल लाइफ में इतना दर्द होने के बावजूद वो सबसे खुश रहतीं

यकीनन सिंगर की कमी बहुत खलेगी और उनके सदाबहार गीतों के जरिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। एक्ट्रेस ने सिंगर से जुड़ी अपनी कुछ बेहद पर्सनल यादों को शेयर करते हुए कहा, ‘आशा भोसले का निधन संगीत जगत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। मैं उन्हें पर्सनली जानती थी। हम मिलते थे, बातें करते थे और एक-दूसरे से सब कुछ शेयर करते थे। मैं उनके बारे में सिर्फ एक ही बात कह सकती हूं कि अपनी पर्सनल लाइफ में इतना दर्द होने के बावजूद, वह ऐसे व्यवहार करती थीं जैसे वो इस धरती पर सबसे खुश इंसान हों। उनसे ज्यादा खुश इंसान इस दुनिया में है ही नहीं। वह सबसे बहुत ही गर्मजोशी से मिलतीं और लोगों को ग्रीट करती थीं।’

‘मैं कहूंगी कि लता दीदी ने जो गाने नहीं गाए, उन्हें आशा ताई ने गाने की कोशिश की’

उन्होंने कहा कि उनकी सिंगिंग के बारे में बात करते समय शब्द कम पड़ जाते हैं। उन्होंने अलग-अलग रेंज और स्टाइल में हर तरह के गाने गाए। उन्होंने कहा, ‘दरअसल, मैं कहूंगी कि लता दीदी ने जो गाने नहीं गाए, उन्हें आशा ताई ने गाने की कोशिश की और उनमें महारत हासिल की। उनके ग़ज़ल, भक्ति गीत, कैबरे और वो सभी जोशीले और मजेदार गाने सुनिए, वे सभी अद्भुत हैं।’

अपने गानों में जो अंदाज और खूबसूरती डाली, वो बेमिसाल थी

अरुणा ईरानी ने उनके बारे में और बातें करते हुए कहा, ‘मुझे दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे फिल्म से काजोल का गाना जरा सा झूम लूं मैं और मेरी फिल्म कारवां से दाइया ये मैं कहां आ फंसी बहुत पसंद था। उन्होंने अपने गानों में जो अंदाज और खूबसूरती डाली, वो बेमिसाल थी। उनकी आत्मा को शांति मिले और वो जहां भी हों, उन्हें सारी खुशियां मिले।’ इतना कहते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

आशा भोसले की आवाज में अरुणा ईरानी को कई यादगार गाने

आशा भोसले की आवाज में अरुणा ईरानी को कई यादगार गाने मिले हैं। ऐसे ही कुछ बेहतरीन गानों में ‘अब जो मिले है तो’ ( कारवां , 1971), अरुणा ईरानी और जीतेंद्र के साथ, ‘ये मेरा जादू’ (फकीरा , 1976), फिल्म ‘दिल दीवाना से’ ‘मुझको मोहब्बत में’, जो 1974 में रिलीज हुई थी, ‘बेकसूर’ से ‘ऐसा जी कोई आता’ (1980), ‘एहसान’ शामिल हैं।

12,000 से अधिक गीतों को अपनी आवाज दी

संगीत की दुनिया में आशा भोसले के गीतों ने दशकों तक लोगों के दिलों को छुआ। उन्होंने में 12,000 से अधिक गीतों को अपनी आवाज दी। आशा ताई का अंतिम संस्कार 13 अप्रैल को दादर के शिवाजी पार्क में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। कई हस्तियां महान गायिका को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए उपस्थित थीं।

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