एम्स भोपाल में ‘सेटिंग’ के नाम पर ठगी… सरकारी नौकरी का झांसा देकर नर्स से हड़पे 50 हजार

भोपाल। निजी अस्पताल की एक नर्स को एम्स भोपाल में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि परिचितों के जरिए मिले दो युवकों ने एम्स भोपाल में स्थाई नौकरी लगवाने का झांसा देकर रकम ले ली, लेकिन न तो नौकरी दिलाई और न ही पैसे वापस किए। बागसेवनिया पुलिस ने शिकायत पर आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रभावशाली बताकर एक लाख रुपये में तय हुआ था सौदा
पुलिस के अनुसार, प्रिया राठौर (30) गंज सीहोर की रहने वाली है और वर्तमान में बागसेवनिया इलाके में रहकर एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में कार्यरत है। फरवरी 2025 में प्रिया के पिता गेंदालाल के परिचित मुकुल त्यागी ने उसकी मुलाकात सीहोर निवासी अमर छावा से कराई थी। अमर ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए एम्स भोपाल में स्थाई नर्स की नौकरी लगवाने का दावा किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच एक लाख रुपए में सौदा तय हुआ, जिसमें से 50 हजार रुपए प्रिया ने दे दिए। शेष राशि नौकरी लगने के बाद देने की बात तय हुई थी।
न ऑफर लेटर मिला और न ही नौकरी
रकम लेने के बाद आरोपियों ने लंबे समय तक पीड़िता को भरोसे में रखा, लेकिन न तो कोई ऑफर लेटर दिया गया और न ही नौकरी से जुड़ी कोई प्रक्रिया पूरी कराई गई। जब प्रिया और उसके परिजनों ने आरोपियों से संपर्क किया तो वे लगातार टालमटोल करते रहे। आखिरकार परेशान होकर पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने जांच के बाद मुकुल त्यागी और अमर छावा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।





