खेड़ापति हनुमान मंदिर महाकाल की तर्ज पर, 100 करोड़ की लागत से बनेगा आस्था का लोक

भोपाल

राजधानी भोपाल में हनुमान जी का प्राचीन खेड़ापति मंदिर मौजूद है, जो लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध है और लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है। बड़ी संख्या में भक्त यहां पर अपनी मुरादें लेकर पहुंचते हैं और बाबा के दरबार से उनकी मुराद पूरी भी होती है। अब इस प्राचीन मंदिर को उज्जैन में बनाए गए महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। तकरीबन 100 करोड़ की लागत से इस पूरे क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। पहले यहां खेड़ापति कॉरिडोर बनेगा, जिसकी लागत 20 करोड रुपए आएगी। इस 21 एकड़ क्षेत्र में मंदिर का विस्तार होगा।

री-डिजाइन होगा खेड़ापति हनुमान परिसर क्षेत्र

खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर के आसपास पूरा मार्केट मौजूद है लेकिन अब यहां लोक बनाए जाने की योजना के बाद पूरे मार्केट को रिडिजाइन किया जाएगा। छोला दशहरा मैदान फिलहाल मंदिर क्षेत्र से अलग आता है, लेकिन जो नया डिजाइन तैयार किया गया है उसके बाद यह मंदिर परिसर के साथ जुड़ जाएगा। मंदिर के सामने से एक रोड भी निकाली जाएगी, जो दशहरा मैदान के पीछे से घूम कर आएगी। मंदिर परिसर के विस्तारिकरण की डिजाइन में इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया है कि विदिशा की ओर से आने जाने वाले वाहनों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

100 करोड़ से विस्तार

खेड़ापति हनुमान जी को नरेला की रक्षा करने वाला कहा जाता है। कई लोगों की आस्था इस जगह से जुड़ी हुई है यही कारण है कि अब इस जगह का विस्तार किया जाएगा। कार्ययोजना पूरी तरीके से तैयार हो चुकी है और जिस तरह से महाकाल लोक को तैयार किया गया है, ठीक उसी तरह से खेड़ापति हनुमान कॉरिडोर भी बनाया जाएगा। यहां पर सुंदरता और आकर्षक चीजों का विशेष तौर पर ध्यान रखा जाएगा, जो आने वाले लोगों को आकर्षित करेगी। श्रद्धालुओं को कॉरिडोर में घूमते समय किसी तरह की दिक्कत ना हो इसके लिए जगह-जगह साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। साइनेज की सहायता से आराम से बाहर से आने वाले श्रद्धालु भी घूम फिर सकेंगे।

दशहरा मैदान बनेगा पवेलियन

विस्तारीकरण की इस योजना में पास में मौजूद दशहरा मैदान को भी शामिल किया जा रहा है। ऐसे में फिलहाल मंदिर क्षेत्र के आसपास मौजूद मार्केट में जो दुकाने हैं उनमें भी बदलाव किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक मैदान को पवेलियन के रूप में डेवलप करने के बाद इसमें नीचे की ओर मार्केट तैयार किया जाएगा और ऊपर आराम से श्रद्धालु बैठ सकेंगे। ऐसे में अगर कोई बड़ा आयोजन रखा जाता है तो लोगों को खड़े नहीं रहना होगा, वह आराम से बैठकर आयोजन का हिस्सा बन सकते हैं।

पर्यटन से बढ़ेगा रोजगार

महाकाल लोक की तर्ज पर बनाए जाने वाले इस खेड़ापति हनुमान लोक को तैयार करने का एकमात्र उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना है। इसके तैयार होने के बाद यहां स्थानीय तथा आसपास से आने वाले लोगों के साथ बाहरी क्षेत्र से भी पर्यटक पहुंचेंगे। पहले पर्यटकों की संख्या लोगों को रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगी। इस प्रोजेक्ट को पीडब्ल्यूडी और नगर निगम मिलकर संचालित करेंगे।

मंदिर की मान्यता

खेड़ापति हनुमान मंदिर के बारे में यह मान्यता है कि यहां हनुमान जी की जो मूर्ति है, वह मानव निर्मित नहीं है बल्कि लोगों का कल्याण करने और उनके दुखों को हरने के लिए स्वयं हनुमान जी यहां प्रकट हुए थे। पहले यह मंदिर छोटा हुआ करता था लेकिन समय के साथ इसका विकास होता चला गया और अब ये भव्य रूप में दिखाई देता है, जो आने वाले समय में और भी भव्यता के साथ नजर आएगा।

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