महासमुंद में बड़ी कार्रवाई: 47 किलो गांजा जब्त, 3 तस्कर गिरफ्तार

महासमुंद। छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महासमुंद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और कोमाखान थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध गांजा तस्करी का भंडाफोड़ करते हुए 47.300 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत 23.65 लाख रुपए बताई जा रही है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल ट्रक, कार, मोबाइल फोन और नगदी समेत कुल 59.51 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो नाबालिगों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा से गांजे की बड़ी खेप छत्तीसगढ़ लाई जा रही है। सूचना के आधार पर कोमाखान क्षेत्र में नाकेबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की गई। इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें चालक सीट के नीचे बने विशेष चेंबर और प्लास्टिक बोरियों में गांजा छिपाकर रखा गया था।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गांजे की यह खेप ओडिशा के कालाहांडी क्षेत्र से लाई गई थी, जिसे मुंगेली जिले में खपाने की योजना थी। जांच में इस नेटवर्क के तार ओडिशा के बलांगीर क्षेत्र से भी जुड़े पाए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद मिराज और रोहित पोंड (बलांगीर, ओडिशा) तथा दीपक साहू (मुंगेली, छत्तीसगढ़) के रूप में हुई है। वहीं मुंगेली के एक अन्य आरोपी का नाम भी सामने आया है, जिसे यह खेप सौंपी जानी थी।
पुलिस के अनुसार, पिछले तीन महीनों में जिले में नशे के खिलाफ अभियान के तहत 74 मामलों में 5685 किलो से अधिक गांजा जब्त किया गया है और 192 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
फिलहाल पुलिस इस मामले में सप्लाई चेन, सोर्स और फाइनेंशियल लिंक की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।





