नेपाल के पीएम प्रचंड ने भारत को दिया झटका? चीन के BRI को दिया समर्थन

बीजिंग
 नेपाल के प्रधानमंत्री इस समय चीन की यात्रा पर गए हुए हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने कहा है कि नेपाल चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) में सक्रिय रूप से हिस्सा लेना जारी रखेगा। अभी तक अटकलें लगाई जा रही थीं कि शायद प्रचंड नेपाल को कर्ज के जाल में फंसने से बचाने के लिए कदम उठाने का दबाव चीन पर दबाव डालेंगे। नेपाल प्रधानमंत्री एशियाई खेलों के उद्घाटन सत्र में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क से हांगझू पहुंचे हैं।

प्रचंड ने कहा कि उनकी सरकार ट्रांस हिमालयन नेटवर्क को और बढ़ावा देगी, क्योंकि यह नेपाल के आर्थिक विकास में मदद करेगा। ट्रांस-हिमालयन नेटवर्क नेपाल और चीन के बीच आर्थिक गलियारा है, जो बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का हिस्सा है। चीनी प्रेस की ओर से प्रचंड के इस आश्वासन को व्यापक रूप से कवर किया गया। क्योंकि पहले माना जा रहा था कि प्रचंड चीन को एक ग्रांट के जरिए इस परियोजना के निर्माण के लिए कहेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

जिनपिंग को बताया दूरदर्शी नेता

न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने प्रचंड के हवाले से कहा, 'नेपाल राष्ट्रपति शी की ओर से आगे बढ़ाए गए महत्वपूर्ण पहलों की एक श्रृंखला का समर्थन करता है। नेपाल उचित दिशा में अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के विकास को बढ़ावा देने के लिए चीन के साथ काम करने को तैयार है।' प्रचंड ने शी जिनपिंग को एक दूरदर्शी वैश्विक नेता बताते हुए एक चीन नीति के प्रति नेपाल की प्रतिबद्धता दोहराई। चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ यह प्रचंड की चौथी मीटिंग थी। प्रचंड एक हफ्ते की लंबी यात्रा पर चीन पहुंचे हैं।

एक घंटे तक हुई बातचीत
साल 2013 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का विचार रखा। नेपाल 2017 में इसमें शामिल हुआ। हालांकि इसको लेकर बातें बहुत हुईं, लेकिन एक भी परियोजना नहीं शुरू हो सकी। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक पीएम के निजी सचिवालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक दहल और शी के बीच लगभग एक घंटे की प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत हुई। दोनों नेता क्षेत्रीय शांति, समृद्धि और स्थिरता के लिए सभी क्षेत्री ताकतों के साथ सहयोग पर सहमत हुए।

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