अकेले शोरूम में गुजारे 20 घंटे, अकेले 25 करोड़ के गहनों पर किया हाथ साफ, कैसे मिला सुराग

नईदिल्ली
दिल्ली में हुई सबसे बड़ी चोरी का पर्दाफाश हो गया है। भोगल स्थित ज्वेलरी के शोरूम से करीब 25 करोड़ के गहनों पर हाथ साफ करने वाले लोकेश श्रीवाश को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से दबोच लिया गया। आरोपी शोरूम में करीब 20 घंटे रहा। उसने इसकी फुलप्रूफ योजना बनाई थी। ड्राई फ्रूट, चॉकलेट, बिस्किट और केक लेकर लोकेश शोरूम के अंदर घुसा था। दुकान के अंदर भूख लगने पर वह यही खाता रहा और दिन में स्ट्रांग रूम की दीवार काटता रहा।

स्ट्रांग रूम का पता लगाने के बाद सो गया

आरोपी लोकेश को मालूम था कि ज्वेलर दुकान बंद करने से पहले सारे गहने स्ट्रांग रूम में रखते हैं। वह रात को गहनों के ठिकाने का पता करता रहा। फिर शोरूम में ही सो गया और सुबह नित्य क्रिया करने के बाद करीब नौ बजे से स्ट्रांग रूम की दीवार को काटने में जुट गया। वह छह बजे तक स्ट्रांग रूम के अंदर घुसने में कामयाब हो गया। फिर सारा सामान बैग में रखने के बाद रात होने का इंतजार करने लगा। अंधेरा होने पर करीब सात बजे जिस रास्ते से आया था, उसी रास्ते से बाहर चला गया।

सीसीटीवी फुटेज में दिखा था

चोरी वाली रात पुलिस के हाथ एक सीसीटीवी फुटेज लगी थी। उसमें एक शख्स हाथ में बैग लिए जा रहा था। माना जा रहा है कि वह लोकेश ही था। पहले पुलिस को शक था कि इस चोरी में एक से अधिक लोग शामिल हैं।

बस टिकट के लिए फोन ऑन करते ही सुराग मिला

सबसे बड़ी चोरी मामले में पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमवार रात करीब सात बजे वह इमारत से बाहर निकला। फिर ऑटो से कश्मीरी गेट स्टेशन पहुंचा। वहां उसने रात करीब 840 बजे सागर के लिए जाने वाली बस का टिकट खरीदा। जांच से जुड़े सूत्र ने बताया कि लोकेश ने वारदात के दौरान फोन बंद किया हुआ था, लेकिन बस अड्डे पर उसने नया सिम लगाया और टिकट का मैसेज दिखाने के लिए मोबाइल ऑन किया।

इस दौरान तीन चार मैसेज उसके फोन पर आ गए। इंस्पेक्टर विष्णु दत्त तिवारी की टीम लगातार सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल रही थी। उन्हें लोकेश की फुटेज मिली और जिस ऑटो में वह सवार हुआ था, उसका पीछा करते हुए पुलिस बस अड्डे पहुंची। वहां की फुटेज में टिकट लेते हुए दिखाई दिया। वह फोन देख रहा था और पुलिस ने टावर पर आने वाली कॉल निकाली।

लोकेश ने अपने दोस्त शिवा को फोन किया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने शिवा और लोकेश दोनों की पहचान कर ली। लोकेश का ठिकाना छत्तीसगढ़ आ रहा था। दिल्ली पुलिस ने दो इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीम रायपुर रवाना कर दी गई। टीम गुरुवार को पहुंचकर रायपुर एवं दुर्ग में स्थानीय पुलिस की सहायता से तलाश करती रही। बिलासपुर पुलिस ने लोकेश की तलाश करते हुए उसके साथी शिवा को दबोच लिया।

शिवा की निशानदेही पर छापेमारी करते हुए शुक्रवार सुबह भिलाई से आरोपी लोकेश को पकड़ लिया। इस दौरान दिल्ली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तारी आदि की प्रक्रिया पूरी की। दिल्ली पुलिस लोकेश के अलावा शिवा और उनके एक अन्य साथी को लेकर लौट रही है। डीसीपी राजेश देव ने बताया कि दिल्ली में कोर्ट में पेश कर इसकी हिरासत मांगी जाएगी। इसके बाद पूछताछ की जाएगी।

25 टीमें खोजने में लगी थीं

दक्षिण पूर्व जिला पुलिस की 25 टीमें दिन-रात दिल्ली की सबसे बड़ी चोरी के खुलासे में जुटी थी। इसमें साइबर की टीम टेक्निकल सर्विलांस और कॉल डिटेल्स पर काम कर रही थी। इसके अलावा 15 टीमें सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालने में जुटी थी। करीब 500 सीसीटीवी कैमरे को खंगालने के बाद पुलिस को लोकेश की एक फुटेज भोगल में मिली। इसे संदिग्ध मानकर पुलिस बस अड्डे तक पहुंच गई।

कई राज्यों में ज्वेलरी की दुकानों में सेंध मार चुका है

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह विशाखापट्टनम में फिंगर प्रिंट की वजह से पकड़ा गया था। इस बार उसने दस्ताने पहनकर चोरी की थी। वह हर गलती से सबक लेकर उसे अगली बार न दोहराने की कोशिश करता था। लोकेश ने बिलासपुर में बीते माह एक ही रात में सात दुकानों में चोरी की थी। इस मामले में ही बिलासपुर पुलिस की टीमें इसकी तलाश कर रही थी। लोकेश ने मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, दिल्ली और महाराष्ट्र में भी ज्वेलरी की दुकानों को निशाना बनाया था। इसने भोगल की तरह ही 2019 में भिलाई स्थित पारेख ज्वेलर नाम के शोरूम को निशाना बनाया था। यहां से पांच करोड़ के गहने चोरी किए थे, लेकिन स्थानीय पुलिस ने पूरा सामान बरामद कर लिया था।

 

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