जम्मू-कश्मीर के पुंछ में एनकाउंटर, 1 जवान घायल:सेना ने घुसपैठ की कोशिश नाकाम की, जम्मू में 24 घंटे में दूसरा हमला

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में LOC के पास बट्टाल सेक्टर में मंगलवार (23 जुलाई) सुबह करीब 3 बजे आर्मी-आतंकियों के बीच गोलीबारी हुई। इसमें सेना का एक जवान घायल हो गया। सेना की ओर बताया गया कि कुछ आतंकी घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे, जिसे नाकाम कर दिया गया।

PTI के सूत्रों के मुताबिक, पुंछ के कृष्ण घाटी बेल्ट से कुछ आतंकी बट्टाल में घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सेना के जवानों को आतंकियों के मूवमेंट की सूचना मिल गई थी। सेना ने तुरंत एक्शन लेते हुए उन्हें रोका।

हालांकि, आतंकियों के घायल होने या मारे जाने की सूचना अभी नहीं मिली है। गोलीबारी में घायल हुए जवान को अस्पताल पहुंचाया गया है। पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली गई है। आतंकियों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। जम्मू में यह 24 घंटे में दूसरा हमला है।

इससे पहले सोमवार को सुबह करीब 3 बजे राजौरी के घोंधा में आतंकियों ने शौर्य चक्र विजेता परशोत्तम कुमार के घर पर हमला किया था। जवाबी कार्रवाई में आर्मी ने एक आतंकी को मार गिराया था। इस हमले में एक जवान और परशोत्तम के चाचा घायल हुए थे। यहां आज दूसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी है।

सैफ अली खान का वीडियो वायरल, पुलिस बोली- इसे जैश ने बनाया
जम्मू-कश्मीर में सोमवार को वायरल हुए 5 मिनट 55 सेकेंड के वीडियो को लेकर यहां की पुलिस ने अलर्ट जारी किया। साथ ही एक्स पर पोस्ट भी शेयर की। पुलिस का दावा है कि दोपहर 2 बजे के करीब आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने एक प्रोपागेंडा वीडियो शेयर किया है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस वीडियो को शेयर नहीं करें और जो भी इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं उनकी जानकारी दें। साथ ही चेतावनी दी है कि इस वीडियो को अपने पास रखना और फॉरवर्ड करना UAPA की धारा 13 और 18 के तहत अपराध है।

पुलिस ने बताया कि आतंकी संगठन के बनाए इस वीडियो में बॉलीवुड फिल्म फैंटम के पोस्टर के साथ एक्टर सैफ अली की तस्वीर वायरल की गई है।

एक्स पर J&K पुलिस की पोस्ट
“आम जनता को सचेत किया जाता है कि वे सबसे पहले वीडियो को किसी भी तरीके से किसी को फॉरवर्ड नहीं करेंगे। वे मैसेज के पुलिस को रिपोर्ट करेंगे कि उन्हें यह वीडियो किससे मिला है। वीडियो मिलने की तारीख और समय, साथ ही टेलीफोन नंबर की डिटेल भी शेयर करें।

पुलिस अधिकारी इसे अपने जांच अधिकारी को रिपोर्ट करेंगे और सिविल अधिकारी भी समान रूप से इसे अपने जांच अधिकारी को टेक्स्ट मैसेज के जरिए रिपोर्ट करेंगे। हर हाल में इस वीडियो को फॉरवर्ड नहीं किया जाना चाहिए। याद रखें कि इस तरह की सामग्री को रखना और फॉरवर्ड करना UAPA की धारा 13 और 18 के तहत अपराध है।”

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