रोहित सेना, तू स्वयं तेज भयकारी है, क्या कर सकती चिनगारी है

नई दिल्ली: भारतीय टीम की उपलब्धि जितनी बड़ी थी उससे कहीं विशाल अंदाज में उसका स्वागत हुआ। दिल्ली एयरपोर्ट पर लोग टकटकी लगाए बैठे थे तो देश के पीएम ने बाहें फैलाकर हर खिलाड़ी का स्वागत किया। 16 घंटे की लंबी चार्टर फ्लाइट पकड़कर बारबाडोस से दिल्ली और फिर माया नगरी मुंबई पहुंची तो लाखों लोगों ने दिल खोलकर स्वागत किया। टीम ने भी निराश नहीं किया। मुंबई एयरपोर्ट पर वाटर सैल्यूट दिया गया तो वानखेड़े स्टेडियम की आभा स्वर्ग जैसी दिख रही थी। दमक रही थी। हो भी क्यों नहीं, रोहित सेना की ये जीत और खिताब चमत्कारी जो है… टी20 इतिहास के सबसे रोमांचक फाइनल में भारत विश्व विजेता बना।

आखिरी 5 ओवर देखकर हर फैंस के मुंह से बरबस ही निकल पड़ा होगा.. तू स्वयं तेज भयकारी है, क्या कर सकती चिनगारी है…। क्रिकेट के नए अध्याय को बारबाडोस में जब रचा जा रहा था तो लगा मानों रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ने ये लाइनें टीम इंडिया के लिए ही लिखी थीं। जब टीम इंडिया मुश्किल में थी तो रोहित सेना विचलित नहीं हुई, डटकर सामना किया। करिश्माई जीत के हर पल रोंगटे खड़े कर देने वाले थे। यकीन मानिए 100 साल बाद भी जब कभी मैच का हाइलाइट्स देखा जाएगा तो वह बिल्कुल नया सा लगेगा।

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