स्विस बैंकों में भारतीयों के 37,600 करोड़ जमा:ये 2023 की तुलना में तीन गुना ज्यादा

स्विस बैंकों में भारतीयों का जमा पैसा 2023 के मुकाबले 2024 में तीन गुना बढ़कर 3.5 अरब स्विस फ्रैंक हो गया है। भारतीय रुपए में ये रकम करीब 37,600 करोड़ रुपए होती है।
SNB ने कल यानी 19 जून को ये आंकड़े जारी किए। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि आखिर ये पैसा कहां से आया? क्या ये काला धन है?
स्विस बैंक क्या है?
स्विट्जरलैंड में मौजूद वे बैंक हैं, जो अपनी सख्त गोपनीयता (प्राइवेसी) और सिक्योरिटी के लिए जाने जाते हैं। इन बैंकों में लोग अपने पैसे इसलिए भी जमा करते हैं क्योंकि इनके खातों की जानकारी किसी को नहीं दी जाती अकाउंट होल्डर के देश और सरकार को भी नहीं।
ये बैंक अपने कस्टमर डिटेल गुप्त रखते हैं और अकाउंट को केवल एक नंबर (कोड) से पहचाना जाता है, जिसे ‘नंबर्ड अकाउंट’ कहते हैं। इस वजह से इन बैंकों को दुनियाभर के अमीर लोग, कारोबारी और कभी-कभी गलत काम करने वाले लोग भी अपने पैसे रखने के लिए चुनते हैं।
17वीं सदी में हुई थी स्विस बैंक की शुरुआत
स्विस बैंक की शुरुआत 17वीं सदी में हुई थी और 1713 में स्विट्जरलैंड में गोपनीयता के सख्त कानून बनाए गए। 1998 में यूनियन बैंक ऑफ स्विट्जरलैंड और स्विस बैंक कॉर्पोरेशन के मिलने से UBS बना, जिसे लोग आज ‘स्विस बैंक’ के नाम से जानते हैं। ये बैंक पैसे जमा करने के साथ-साथ इन्वेस्टमेंट और फाइनेंशियल सर्विसेज के लिए भी जाने जाते हैं।





