ऐसी हरकत बर्दाश्त से बाहर… इधर भड़का दिग्गज, उधर मोहम्मद सिराज पर आईसीसी ने ठोक दिया भारी जुर्माना

लंदन: जब विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने संन्यास लिया तो यह माना जा रहा था कि इंग्लैंड दौरे पर जाने वाली भारतीय टीम के पास अनुभव की कमी होगी और उन्हें ‘बज़बॉल’ (इंग्लैंड का आक्रामक टेस्ट खेलने का तरीका) के सामने संघर्ष करना पड़ेगा। लेकिन एंडरसन तेंदुलकर ट्रॉफी के लगभग एक महीने बाद शुभमन गिल और उनकी टीम ने अपने सभी आलोचकों को गलत साबित कर दिया है। हालांकि, इस दौरान मैदान पर कई ऐसी हरकतें हुईं, जो सुर्खियों में आ गईं। यही वजह है कि आईसीसी ने भारतीय तेज गेंदबाज मोहममद सिराज पर 15% मैच फीस का जुर्माना लगाया है, जबकि एक डिमेरिट पॉइंट पर भी दिया है।

दरअसल, मैच के दौरान मैदान पर लगातार स्लेजिंग, विपक्षी खिलाड़ियों के साथ तकरार, माइंड गेम्स और ‘**********’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल भी देखने को मिल रहा है। यह टीम कब इतनी ‘बदमाश’ बन गई, यह एक दिलचस्प सवाल है! अगर शुभमन गिल ने तीसरे दिन के खेल के अंत में माहौल गरमा दिया तो मोहम्मद सिराज ने चौथे दिन इसे जारी रखा। सिराज अपने स्वाभाविक रूप से ही काफी एक्सप्रेसिव और थोड़े अति उत्साही खिलाड़ी हैं। लेकिन, उनके मानकों के हिसाब से भी रविवार को भारतीय तेज गेंदबाज ने एक ऐसी हरकत की, जिसकी वजह से जुर्माना लगा है।

मोहम्मद सिराज का बेन डकेट को ‘फायरिंग सेंडऑफ’
बेन डकेट को आउट करने के बाद मोहम्मद सिराज ने जिस तरह से ‘फायरिंग सेंडऑफ’ दिया, वह इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने डकेट से कंधे से कंधा मिला दिया, जिसके बाद अंपायर तुरंत हरकत में आए और बड़ी घटना टल गई। हालांकि, पूर्व इंग्लिश कप्तान एलिस्टर कुक का मानना था कि सिराज ने अपने इस व्यवहार से सीमा लांघी है। कुक का कहना है कि सिराज को ऐसा व्यवहार करने की कोई जरूरत नहीं थी, खासकर तब जब उन्होंने पहले ही बल्लेबाज को आउट कर दिया था।
इसके बाद कुक ने बीबीसी टेस्ट मैच स्पेशल पर कहा- यह अस्वीकार्य है, लेकिन अब किसे दोषी ठहराया जाए? क्या डकेट जानबूझकर उसके रास्ते में आ गया और उसे पता था कि वह क्या कर रहा है। फिर भी, आपको किसी के चेहरे पर इस तरह चिल्लाना नहीं चाहिए। मैं पूरी तरह से कहता हूं कि यह गलत था। कोई शारीरिक संपर्क नहीं होना चाहिए। हां, विकेट का जश्न ऐसे मनाएं जैसे आप चाहते हैं। लेकिन आपने उसे आउट कर दिया है; आपको तीन इंच से उसकी आंखों में देखने और उसके चेहरे पर चिल्लाने की जरूरत नहीं है। इसलिए मुझे उम्मीद है कि इसके परिणाम होंगे, और परिणाम होने चाहिए। यह मेरी राय है। मुझे लगा कि इसने सीमा पार कर दी।
गिल और इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों के बीच गरमागरमी पर कुक की राय
कुक ने एक दिन पहले गिल और इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों डकेट और जैक क्राउली के बीच हुई तीखी बहस पर भी अपनी राय दी, यह कहते हुए कि उन्हें इससे कोई दिक्कत नहीं है। गिल तब क्रोधित हो गए थे जब क्रॉली ने सफलतापूर्वक समय बर्बाद किया और यह सुनिश्चित किया कि भारत केवल एक ओवर ही फेंक सके, जबकि वे आसानी से दो ओवर फेंक सकते थे। कुक ने मनोरंजन कारक का समर्थन करते हुए कहा कि इस तरह के नाटक से टेस्ट क्रिकेट में ड्रामा और मसाला ही जुड़ता है।

कुक ने आगे कहा- मुझे कल रात यह पसंद आया। मैंने एक आदमी को यह कहते हुए पढ़ा कि यह 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए अच्छा नहीं है वह किसी कोचिंग सेटअप का भी हिस्सा था। तो मैं उस दृष्टिकोण से समझता हूं। लेकिन अगर मैंने इसे देखने के लिए पैसे दिए हैं, तो मैं वास्तव में उसे देखना चाहता हूं। क्योंकि मुझे पता है कि कुछ खिलाड़ियों के लिए इसका क्या मतलब है। वे अपने देश के लिए खेल रहे हैं।

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